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ट्विशा शर्मा केस: फंदे की गांठ से लेकर शव उतारने तक, CBI ने दोबारा दोहराया मौत की रात का हर पल

01 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा केस: फंदे की गांठ से लेकर शव उतारने तक, CBI ने दोबारा दोहराया मौत की रात का हर पल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले की जांच अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को CBI टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरी घटना का सीन रिक्रिएट कराया और पति समर्थ सिंह व सास गिरिबाला सिंह से एक-एक पहलू पर सवाल किए। जांच एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि जिस तरह घटना की जानकारी दी गई थी, क्या वह घटनास्थल की परिस्थितियों से मेल खाती है या नहीं। इसी वजह से पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहराया गया।


80 किलो के डमी पुतले से किया गया रिक्रिएशन

CBI टीम अपने साथ 80 किलोग्राम वजन का डमी पुतला लेकर पहुंची। इस पुतले को उसी स्थान पर लटकाया गया, जहां ट्विशा शर्मा कथित तौर पर फंदे से लटकी मिली थीं। इसके बाद अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति, फंदे की ऊंचाई और शव को नीचे उतारने की प्रक्रिया को बारीकी से परखा। जांच का यह हिस्सा पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


समर्थ सिंह से पूछे गए अहम सवाल

जांच के दौरान सबसे पहले पति समर्थ सिंह को उस जगह ले जाया गया, जहां से ट्विशा का शव नीचे उतारे जाने का दावा किया गया था। बताया गया कि समर्थ ने CBI टीम के सामने खुद फंदे की गांठ बनाकर दिखाई और फिर उसे खोलकर भी बताया कि उन्होंने कथित तौर पर शव को कैसे नीचे उतारा था। अधिकारियों ने उनसे शव की स्थिति और लटकने के एंगल को लेकर भी विस्तृत जानकारी ली।


सास गिरिबाला सिंह से भी हुई पूछताछ

मामले में एक और महत्वपूर्ण कड़ी सास गिरिबाला सिंह का बयान है। उनके अनुसार, उन्होंने ट्विशा के गले से फंदे की गांठ खोली थी। CBI ने उन्हें भी मौके पर बुलाकर घटनाक्रम दोहराने को कहा। अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि जिस तरह का दावा किया गया है, क्या वह घटनास्थल की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप है।


घर के हर हिस्से का किया गया निरीक्षण

करीब 6 सदस्यीय CBI टीम ने घर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया। जांच एजेंसी विशेष रूप से यह जानने का प्रयास कर रही है कि शव को फंदे से उतारने के बाद बाहर कैसे लाया गया था। जांच के दौरान कमरे की संरचना, आवाजाही के रास्ते और घटनास्थल से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं को भी रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले दर्ज बयानों की पुष्टि करने की कोशिश की जा रही है।


उस रात के 40 मिनट की पड़ताल

सूत्रों के अनुसार, CBI की जांच का केंद्र वह समय है जो कथित तौर पर रात 9:40 बजे से 10:20 बजे के बीच का बताया जा रहा है। टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि ट्विशा की जिंदगी के आखिरी पलों में क्या-क्या हुआ, किसने क्या देखा और किस क्रम में घटनाएं हुईं। यही कारण है कि उस रात के हर छोटे-बड़े घटनाक्रम को दोबारा रिक्रिएट किया गया।


घटनास्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

CBI की कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। घर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी मौके पर मौजूद रखा गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, ट्विशा शर्मा मौत मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की जा रही है। अब सबकी नजर CBI की अगली रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।

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