
भोपाल के ट्विशा शर्मा मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह को फिलहाल जेल से राहत नहीं मिलेगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने उनकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी है। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने 23 पेज का विस्तृत आदेश जारी करते हुए कहा कि मामले की जांच अभी अधूरी है। मृतका के आईफोन और घर के CCTV सिस्टम की फोरेंसिक रिपोर्ट आना बाकी है।
डिजिटल सबूतों की जांच पूरी होने तक नहीं मिलेगी राहत
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जांच की मौजूदा स्थिति को अहम माना है। मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193(9) के तहत CBI आगे की जांच कर रही है। जांच एजेंसी को मृतक ट्विशा शर्मा के आईफोन और घर में लगे CCTV कैमरों के DVR की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अदालत के मुताबिक, डिजिटल डेटा एक्सट्रैक्शन और अन्य महत्वपूर्ण रिपोर्ट मिलने के बाद ही जांच की पूर्णता का आकलन किया जा सकता है।
मौत से पहले की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विचार
जमानत पर निर्णय लेते समय अदालत ने आरोपों की गंभीरता और अब तक सामने आई सामग्री का मूल्यांकन किया। इसमें ट्विशा शर्मा की मृत्यु से ठीक पहले की परिस्थितियां भी शामिल थीं। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी ने CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की वर्तमान स्थिति को भी अपने फैसले का आधार बनाया। अदालत का मानना है कि इस स्तर पर आरोपी को जमानत देना उचित नहीं होगा।
प्रभावशाली लोगों को किए गए कॉल की भी होगी जांच
23 पेज के आदेश में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। केस डायरी में दर्ज जानकारी के अनुसार, घटना के बाद गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर ऊंचे पदों पर बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों से फोन पर संपर्क किया था। अदालत ने जांच एजेंसी को निर्देश दिया है कि इन फोन कॉल्स के साथ उनसे जुड़ी परिस्थितियों की भी पड़ताल की जाए। जांच के इस पहलू को भी आगे की कार्रवाई में शामिल किया जाना चाहिए।
26 अक्टूबर को सुरक्षित रखा था फैसला
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने 26 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब लिखित आदेश जारी होने के साथ ही अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
2 जून 2026 से जेल में बंद हैं पूर्व जज
ट्विशा शर्मा मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह 2 जून 2026 से जेल में बंद हैं। वह पूर्व जज हैं और इस मामले में आरोपी सास के रूप में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता फिलहाल बंद है। इस फैसले के चलते उनकी दिवाली भी जेल में ही बीतेगी।
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