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ट्विशा शर्मा मौत मामला: जेल पहुंचते ही गिरिबाला और समर्थ को मिले कैदी नंबर

03 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा मौत मामला: जेल पहुंचते ही गिरिबाला और समर्थ को मिले कैदी नंबर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया। सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई ने रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, लेकिन इस बार आगे की रिमांड की मांग नहीं की। इसके बाद अदालत ने दोनों को 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल भेजने के आदेश दिए।


जेल पहुंचते ही मिले कैदी नंबर

जेल प्रशासन ने दोनों आरोपियों को दाखिल होते ही कैदी नंबर आवंटित कर दिए। जानकारी के अनुसार पूर्व जिला जज और आरोपी सास गिरिबाला सिंह को कैदी नंबर 71 दिया गया है। वहीं आरोपी पति समर्थ सिंह को कैदी नंबर 1782 आवंटित किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है।


महिला बैरक में गिरिबाला, अस्पताल बैरक में समर्थ

जेल सूत्रों के मुताबिक गिरिबाला सिंह को महिला बैरक में विशेष निगरानी के बीच रखा गया है। वहीं समर्थ सिंह को भोपाल सेंट्रल जेल के बी-खंड स्थित अस्पताल बैरक में रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लेकिन जेल में प्रवेश के दौरान एक और घटना चर्चा का विषय बन गई।


जेल के बाहर भी दिखा पुराना रुतबा

जेल पहुंचने पर गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर अपनी कार से उतरने से इनकार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे कार में बैठकर ही जेल परिसर के अंदर जाना चाहती हैं और सीबीआई अधिकारियों से बात कराने की मांग भी की। हालांकि जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया कि प्रक्रिया सभी के लिए समान है। इसके बाद गिरिबाला सिंह को बेटे समर्थ सिंह के साथ पैदल ही जेल के अंदर जाना पड़ा।


आखिर क्या है ट्विशा शर्मा मौत मामला?

मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी वकील समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं। शादी के कुछ ही महीनों बाद 12 मई 2026 की रात ट्विशा अपने ससुराल की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी मिली थीं। परिवार के लोग उन्हें एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।


सबूत मिटाने और प्रभाव डालने के आरोप

मामला उस समय और गंभीर हो गया जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूतों से छेड़छाड़ और जांच को प्रभावित करने के आरोप लगे। आरोप है कि घटना के बाद कई न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के वरिष्ठ अफसरों से संपर्क किया गया। हालांकि इन आरोपों की जांच सीबीआई कर रही है और अंतिम सत्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


12 दिन तक मॉर्चुरी में रखा रहा शव

ट्विशा के मायके और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी विवाद इतना बढ़ गया कि उनका शव करीब 12 दिनों तक एम्स भोपाल की मॉर्चुरी में रखा रहा। इसी दौरान मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हुई। अब दोनों मुख्य आरोपियों के न्यायिक हिरासत में जाने के बाद मामले की अगली सुनवाई और सीबीआई जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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