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ट्विशा शर्मा केस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- मीडिया बयानबाजी के पीछे न भागे, कानून को काम करने दें

25 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा केस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- मीडिया बयानबाजी के पीछे न भागे, कानून को काम करने दें
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने मामले की जांच, मीडिया कवरेज और न्यायपालिका पर उठ रहे सवालों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जांच प्रक्रिया को कानून के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए और किसी भी तरह की बयानबाजी से बचना जरूरी है।


CJI बोले- मीडिया दोनों परिवारों के पीछे न भागे

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि इस केस में दो-तीन पहलू थे, जिनमें दूसरा पोस्टमॉर्टम भी शामिल था और वह अब पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि कुछ घटनाक्रमों से अदालत को असहजता हुई है। CJI ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार या दूसरे पक्ष के बयानों के पीछे भागने के बजाय कानूनी प्रक्रिया को अपना काम करने देना चाहिए।


न्यायपालिका पर सवाल उठने पर जताई नाराजगी

चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि मृतका की सास एक रिटायर्ड जिला जज हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि न्यायपालिका निष्पक्ष सुनवाई नहीं होने दे रही। उन्होंने कहा कि अदालत को राज्य एजेंसियों और जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है। चाहे जांच राज्य पुलिस करे या CBI, सच्चाई सामने लाने का काम जरूर होगा।


हाईकोर्ट में सास की जमानत पर सुनवाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ट्विशा की सास और रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर भी सुनवाई होनी है। राज्य सरकार और ट्विशा के पिता की ओर से दायर याचिकाएं जस्टिस देवनारायण मिश्रा की कोर्ट में सूचीबद्ध हैं। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में लंच के बाद सुनवाई हो सकती है।


सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद टल सकती है सुनवाई

एडवोकेट पंकज दुबे का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद हाईकोर्ट फिलहाल इस मामले में फैसला टाल सकता है। संभावना जताई जा रही है कि हाईकोर्ट आगे की कार्रवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार करे। इससे केस की कानूनी दिशा पर असर पड़ सकता है।


कॉल डिटेल और CCTV फुटेज पर भी नजर

उधर, भोपाल जिला अदालत में एक अहम आवेदन पर सुनवाई होनी है। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग की गई है। इसके अलावा भोपाल AIIMS के CCTV फुटेज को भी सुरक्षित रखने की अपील की गई है। परिवार का दावा है कि ये रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं।


आत्महत्या या हत्या? जांच के केंद्र में यही सवाल

ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी, दूसरे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के बाद इस केस में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

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