
भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब बड़ा कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। आज इस केस पर एक साथ सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और भोपाल जिला अदालत में अहम सुनवाई होनी है। मामले में जांच की निष्पक्षता, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में प्रभावशाली रिश्तों की वजह से जांच प्रभावित हुई? इसी वजह से अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने खुद दखल दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लिया खुद संज्ञान?
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच आज इस केस की सुनवाई करेगी। कोर्ट संस्थागत पक्षपात, पुलिस जांच और अस्पताल की भूमिका जैसे मुद्दों पर विचार करेगा। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने CJI को भेजे नोट में कहा था कि मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह धारणा बन रही है कि ट्विशा की सास रिटायर्ड जिला जज होने के कारण जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसके बाद मामले को सुओ मोटू रिट याचिका के रूप में दर्ज करने की मंजूरी दी गई। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कोर्ट जांच एजेंसियों को क्या निर्देश देता है।
हाईकोर्ट में सास की जमानत पर संकट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर सुनवाई होनी है। यह याचिका राज्य सरकार और ट्विशा के पिता की ओर से दायर की गई है। हालांकि, एडवोकेट पंकज दुबे का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को देखते हुए हाईकोर्ट फिलहाल फैसला टाल भी सकता है। ऐसे में आज की कार्यवाही पूरे केस की दिशा बदल सकती है।
जिला अदालत में कॉल रिकॉर्ड और CCTV पर सुनवाई
भोपाल जिला अदालत में एक और अहम आवेदन पर सुनवाई होगी। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग की गई है। साथ ही भोपाल AIIMS के CCTV फुटेज को भी संरक्षित करने की अपील की गई है। परिवार का मानना है कि ये रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकते हैं। अब अदालत तय करेगी कि इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा।
पति समर्थ सिंह ने पूछताछ में क्या कहा?
ट्विशा के पति समर्थ सिंह फिलहाल 7 दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। पूछताछ में उसने दावा किया कि शादी के बाद दोनों के संबंध सामान्य थे। समर्थ के अनुसार, प्रेग्नेंसी कन्फर्म होने के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उसने कहा कि ट्विशा अक्सर ग्लैमर इंडस्ट्री और घरेलू जीवन के बीच संतुलन बनाने में मुश्किल की बात करती थी। पुलिस अब इन दावों की सत्यता की जांच कर रही है।
दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार क्यों अहम?
दिल्ली AIIMS की टीम ने रविवार को भोपाल AIIMS में ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। करीब 3 घंटे चली प्रक्रिया के बाद टीम दिल्ली लौट गई है। फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा क्योंकि हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा जांच बाकी है। यही रिपोर्ट अब मौत की असली वजह स्पष्ट करने में निर्णायक मानी जा रही है।
डबल लिगेचर मार्क ने बढ़ाए सवाल
पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की गर्दन पर दो समानांतर लिगेचर मार्क दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट में मौत का कारण “सुसाइड बाय हैंगिंग” बताया गया, लेकिन परिवार ने इसी बिंदु पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि सामान्य फांसी के मामलों में इस तरह के निशान कम देखने को मिलते हैं। अब दूसरी मेडिकल जांच से इस विवाद पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
फंदे की बरामदगी में देरी पर भी विवाद
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित फंदा न डॉक्टरों को दिया गया और न पुलिस ने जब्त किया। बाद में 15 मई को फंदा बरामद होने की बात सामने आई। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में फंदे को शुरुआती जांच का अहम हिस्सा माना जाता है। यही वजह है कि पुलिस प्रक्रिया पर अब सवाल और तेज हो गए हैं।
चोट के निशान और हायॉइड बोन पर नई बहस
पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर कई चोटों का जिक्र है। बाएं हाथ की कोहनी और कलाई के बीच घाव दर्ज किए गए हैं, जिन्हें किसी ठोस वस्तु के प्रभाव से जुड़ा बताया गया। इसके अलावा हायॉइड बोन सुरक्षित मिलने को लेकर भी बहस छिड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई फांसी के मामलों में यह हिस्सा प्रभावित होता है। अब दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इन बिंदुओं की दोबारा जांच की जाएगी।
लंबाई को लेकर भी उठे सवाल
मामले में ट्विशा की लंबाई को लेकर भी विवाद सामने आया है। भोपाल AIIMS की रिपोर्ट में लंबाई 166 सेंटीमीटर दर्ज की गई, जबकि परिवार का दावा है कि उनकी लंबाई 172 सेंटीमीटर थी। परिवार के वकील ने इसे रिपोर्ट की सटीकता से जुड़ा गंभीर सवाल बताया है। अब अदालत और जांच एजेंसियों की नजर मेडिकल दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर भी टिक गई है।
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