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ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, CBI ने सास गिरिबाला सिंह को किया गिरफ्तार

29 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, CBI ने सास गिरिबाला सिंह को किया गिरफ्तार
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी ने उन पर सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। लगातार तीन दिन की पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद हुई इस कार्रवाई ने मामले को और गंभीर बना दिया है।


CBI की तीन दिन की जांच के बाद गिरफ्तारी

CBI ने 25 मई को इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। इसके अगले दिन जांच टीम पहली बार भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची, जहां ट्विशा की मौत हुई थी। अधिकारियों ने घर में मौजूद लोगों की भूमिका, घटना की रात की गतिविधियों और मौत के बाद उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी जुटाई। इसी दौरान कुछ ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई।


अब आमने-सामने होगी पूछताछ

CBI पहले ही ट्विशा के पति समर्थ सिंह को रिमांड पर ले चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, अब समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में किसने क्या भूमिका निभाई और बयानों में कहीं कोई विरोधाभास तो नहीं है। इसी कड़ी में डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


ट्विशा के आखिरी घंटों का तैयार हो रहा डिजिटल रीक्रिएशन

CBI इस मामले में आधुनिक "टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन" तकनीक का उपयोग कर रही है। एजेंसी ट्विशा के जीवन के अंतिम घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, वाई-फाई लॉग और फॉरेंसिक मैपिंग को एक साथ जोड़ा जा रहा है। जांचकर्ताओं का लक्ष्य यह पता लगाना है कि मौत से पहले ट्विशा घर के किस हिस्से में थी, किससे संपर्क में थी और किन परिस्थितियों में घटनाक्रम आगे बढ़ा।


मिनट-टू-मिनट तैयार हो रहा डिजिटल अवतार

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी घर के भीतर ट्विशा की गतिविधियों का डिजिटल मॉडल तैयार कर रही है। इसे जांच टीम एक तरह के वर्चुअल वॉकथ्रू के रूप में इस्तेमाल करेगी। कैमरों के टाइमस्टैंप, इंटरनेट उपयोग, मोबाइल एक्टिविटी और लोकेशन डेटा का मिलान कर यह देखा जा रहा है कि किसी समय अंतराल में कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हुई। CBI का मानना है कि इससे कई ऐसे सवालों के जवाब मिल सकते हैं जो अब तक जांच में स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।


कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों की भी जांच

जांच एजेंसी अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल एविडेंस की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि घटना वाली रात किन लोगों से बातचीत हुई और मौत के बाद घटनास्थल पर कोई बदलाव किया गया था या नहीं। इसी जांच के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और लोगों से पूछताछ हो सकती है।


परिवार और घरेलू कर्मचारियों पर भी फोकस

CBI अब परिवार से जुड़े अन्य सदस्यों, घरेलू कर्मचारियों और घटना के बाद संपर्क में आए लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसी का मानना है कि इन लोगों के बयान पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इससे केस की दिशा और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।


शेयरों को लेकर दबाव बनाने के आरोप

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ट्विशा शर्मा ने विभिन्न कंपनियों में करीब 20 लाख रुपये के शेयर खरीद रखे थे। ट्विशा के परिवार की ओर से जुड़े लोगों का आरोप है कि इन शेयरों को अपने नाम कराने के लिए पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह उस पर दबाव बनाते थे। बताया गया है कि शादी के बाद जब परिवार को इन निवेशों की जानकारी मिली, तब विवाद बढ़ने लगे।


दहेज और मानसिक प्रताड़ना के भी आरोप

जांच में यह बात भी सामने आई है कि ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर कथित तौर पर दहेज मांग और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत की थी। परिजनों का दावा है कि उसे बच्चे को लेकर भी मानसिक दबाव में रखा जाता था। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल CBI की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

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