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ट्विशा शर्मा मौत केस में CBI का बड़ा खुलासा, गिरिबाला सिंह के फोन रिकॉर्ड में पूर्व जज, ADG और DGP स्तर के अधिकारियों से संपर्क की जानकारी

02 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा मौत केस में CBI का बड़ा खुलासा, गिरिबाला सिंह के फोन रिकॉर्ड में पूर्व जज, ADG और DGP स्तर के अधिकारियों से संपर्क की जानकारी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच एजेंसी ने सास गिरिबाला सिंह की भूमिका को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई हैं। CBI ने कोर्ट में कहा है कि गिरिबाला दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती हैं।


जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के मुताबिक, ट्विशा की मौत के बाद गिरिबाला ने कई वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया था। घर के CCTV कैमरों में तकनीशियन बुलाकर छेड़छाड़ कराने और ट्विशा के पार्लर जाने से जुड़ी जानकारी जुटाने की बात भी जांच के दायरे में है।


CBI ने कोर्ट में जताई गवाहों और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत के सामने गिरिबाला सिंह को लेकर चिंता जाहिर की है। एजेंसी का कहना है कि उन्हें दस्तावेजों में बदलाव करने और गवाहों को अपने पक्ष में करने का अवसर मिल सकता है।


CBI ने गिरिबाला की गतिविधियों को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना है। इनमें वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क, CCTV कैमरों से जुड़ी गतिविधियां और पार्लर संचालिका से बातचीत शामिल हैं।


पूर्व जज, ADG और DGP स्तर के अधिकारियों से कितनी बार हुई बात?

हाल ही में हाईकोर्ट में पेश किए गए 56 पन्नों के दस्तावेजों में गिरिबाला सिंह के फोन कॉल का ब्योरा सामने आया है। इन रिकॉर्ड्स के मुताबिक, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों से बातचीत की थी।


दस्तावेजों में दर्ज कॉल का विवरण इस प्रकार है:

  1. हाईकोर्ट के पूर्व जज से 4 बार बातचीत।

  2. ADG स्तर के अधिकारी से 12 बार संपर्क।

  3. DGP स्तर के IPS अधिकारी से 6 बार फोन पर बात।


जांच एजेंसी इन कॉल्स को मामले की अहम कड़ी मान रही है। मौत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बातचीत की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।


CCTV कैमरों में छेड़छाड़ और पार्लर संचालिका को फोन करने का मामला

CBI की जांच में घर के CCTV कैमरों से जुड़ा एक और पहलू सामने आया है। आरोप है कि गिरिबाला सिंह ने तकनीशियन को घर बुलाया था और कैमरों में छेड़छाड़ कराई थी।


जांच में यह भी सामने आया कि ट्विशा मौत से पहले जिस पार्लर में गई थीं, उसकी संचालिका से गिरिबाला ने फोन पर बात की थी। उन्होंने ट्विशा के पार्लर आने और वहां से जाने के समय की जानकारी मांगी थी।


एजेंसी ने इन गतिविधियों को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना है। हालांकि, इन आरोपों और उनकी परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।


गिरिबाला और समर्थ सिंह भोपाल सेंट्रल जेल में बंद

इस मामले में गिरिबाला सिंह के साथ उनके बेटे और ट्विशा के पति समर्थ सिंह भी आरोपी हैं। दोनों फिलहाल भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद हैं।


दोनों को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। गिरिबाला सिंह की ओर से उनके वकील सुरेंद्र सिंह ने हाईकोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा था कि अब तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि ट्विशा को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। गिरिबाला सिंह को जमानत दिलाने के लिए कई प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है।


दिसंबर 2025 में हुई थी शादी, पांच महीने बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ पेशे से वकील हैं और उनकी मां गिरिबाला सिंह भोपाल की पूर्व जिला जज रह चुकी हैं।


शादी के कुछ महीनों बाद 12 मई 2026 की रात ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गिरिबाला और समर्थ उन्हें एम्स भोपाल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


मौत के बाद गिरिबाला और समर्थ पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप यह भी हैं कि दोनों ने न्यायिक अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अफसरों से संपर्क कर मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया था।


12 दिन तक एम्स की मॉर्चुरी में रखा रहा ट्विशा का शव

ट्विशा की मौत के बाद उनके मायके और ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया था। दोनों पक्षों के बीच विवाद के चलते शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका और करीब 12 दिनों तक एम्स भोपाल की मॉर्चुरी में रखा रहा।


मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा, जिसके बाद 25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी।


अब CBI कॉल रिकॉर्ड, CCTV से जुड़ी गतिविधियों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।p

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