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ट्विशा शर्मा मौत मामला: जांच के दस्तावेज आरोपियों तक कैसे पहुंचे? नए खुलासे से बढ़े सवाल

08 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
ट्विशा शर्मा मौत मामला: जांच के दस्तावेज आरोपियों तक कैसे पहुंचे? नए खुलासे से बढ़े सवाल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब जांच का जिम्मा CBI के पास है, लेकिन इसी बीच भोपाल पुलिस की शुरुआती जांच को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आए दस्तावेजों से संकेत मिल रहे हैं कि जांच से जुड़े कुछ अहम तथ्य शुरुआती दौर में ही आरोपियों तक पहुंच गए थे। इसी आधार पर अब जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले में CBI की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है, जो कई सवालों के जवाब दे सकती है।


अग्रिम जमानत में कैसे मददगार बने जांच दस्तावेज?

मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, ट्विशा शर्मा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह द्वारा हाईकोर्ट में पेश किए गए कुछ रिकॉर्ड ऐसे थे, जो शुरुआती जांच का हिस्सा बताए जा रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि उस समय तक गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह आरोपी घोषित नहीं किए गए थे। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जांच से जुड़े दस्तावेज उनके पास कैसे पहुंचे और उनका इस्तेमाल अग्रिम जमानत याचिका में कैसे हुआ।


फंदे की रस्सी को लेकर भी उठे सवाल

जानकारी के अनुसार, 13 मई को सुबह एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा फंदे की रस्सी जब्त की गई थी। परिजनों की ओर से कोर्ट में पेश पक्ष के अनुसार, रस्सी को तत्काल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने के बजाय कुछ समय तक वाहन में रखा गया। बाद में उसे जांच के लिए एम्स भेजा गया। इसी प्रक्रिया को लेकर जांच में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


जांच दस्तावेजों तक पहुंच पर विवाद

परिजनों की ओर से पेश पक्ष का दावा है कि जब्ती से जुड़े दस्तावेज केस डायरी का हिस्सा थे और कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी पहुंच सीमित होनी चाहिए थी। इसके बावजूद वही दस्तावेज अदालत में दाखिल किए गए। इस आधार पर जांच से जुड़ी गोपनीय जानकारी के लीक होने की आशंका जताई जा रही है। यही कारण है कि अब शुरुआती जांच की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ गई है।


CBI ने किया क्राइम सीन रिक्रिएशन

इस बीच CBI मामले की तकनीकी जांच को आगे बढ़ा रही है। एजेंसी ने संबंधित घर में क्राइम सीन रिक्रिएशन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान ट्विशा शर्मा की लंबाई और वजन के अनुरूप डमी का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी डेटा को विश्लेषण के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय प्रयोगशाला भेजा गया है। अब पूरी जांच की दिशा काफी हद तक इसी रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है।


रिपोर्ट तय कर सकती है मौत की प्रकृति

CBI को जिस रिपोर्ट का इंतजार है, उससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मामला आत्महत्या का है या किसी अन्य परिस्थितियों से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट इसी सप्ताह आने की संभावना है। रिपोर्ट मिलने के बाद एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच की दिशा तय कर सकती है।


दोनों आरोपी फिलहाल जेल में

मामले में समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। CBI दोनों से रिमांड पर पूछताछ भी कर चुकी है।


जांच एजेंसी ने अभी तक मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में सभी की नजर अब उस फॉरेंसिक और रिक्रिएशन रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस हाई-प्रोफाइल केस के सबसे अहम सवालों का जवाब दे सकती है।

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