
भोपाल। एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। मामला रिटायर्ड जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग से जुड़ा है। मध्य प्रदेश सरकार और ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने अग्रिम जमानत पर आपत्ति दर्ज कराई है। अब सभी की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है, क्योंकि जांच लगातार नए मोड़ ले रही है।
कोर्ट में क्या हुआ था पिछली सुनवाई में
25 मई को हुई पिछली सुनवाई में गिरिबाला सिंह के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। हाईकोर्ट ने उन्हें दो दिन का समय दिया था। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया था कि गिरिबाला सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। वहीं बचाव पक्ष के वकील मृगेंद्र सिंह ने कहा कि जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने की वजह से जवाब दाखिल नहीं हो पाया।
अब जांच का फोकस डिजिटल सबूतों पर
मामले की जांच अब तेजी से डिजिटल एंगल की ओर बढ़ रही है। मंगलवार को पुलिस ने भोपाल कोर्ट को बताया कि घटना से जुड़े मोबाइल नंबरों की CDR (Call Detail Record) और टावर लोकेशन सुरक्षित रखने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को पत्र भेजे गए हैं। ट्विशा के परिवार का दावा है कि मौत के बाद गिरिबाला Singh ने 46 अलग-अलग नंबरों पर कॉल किए थे। इनमें कुछ नंबर कथित तौर पर न्यायिक अधिकारियों और जांच एजेंसियों से जुड़े लोगों के बताए गए हैं। यही दावा अब जांच का बड़ा हिस्सा बन गया है।
12 मई को मिला था शव
जानकारी के मुताबिक, 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव फंदे पर लटका मिला था। इसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आया। 15 मई को गिरिबाला सिंह ने भोपाल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जबकि 22 मई को उनके बेटे समर्थ सिंह को जबलपुर कोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। अब पूरे केस की दिशा CBI जांच तय कर रही है।
CBI ने गिरिबाला सिंह से की पूछताछ
CBI ने मंगलवार को मामले में कई अहम लोगों के बयान दर्ज किए। जांच एजेंसी की टीम ने गिरिबाला सिंह से पूछताछ कर उनका बयान लिया। इसके बाद टीम 3 EME सेंटर पहुंची, जहां ट्विशा के परिवार से जानकारी जुटाई गई। दूसरी टीम ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय जाकर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से केस से जुड़े दस्तावेज और जानकारी मांगी।
SIT की केस डायरी पर भी उठे सवाल
CBI ने SIT से केस डायरी तलब की थी। प्रारंभिक जांच में डायरी अधूरी पाई गई, जिसके बाद एजेंसी ने उसे पूरा कर दोबारा सौंपने के निर्देश दिए। मंगलवार देर रात SIT ने जरूरी जानकारियां जोड़कर पूरी केस डायरी CBI को सौंप दी। इस घटनाक्रम ने जांच की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
CCTV और CDR सुरक्षित रखने पर सुनवाई
भोपाल जिला कोर्ट में कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने से जुड़े आवेदनों पर भी सुनवाई हुई। SIT ने कोर्ट को बताया कि 12 से 20 मई तक की पूरी CDR सुरक्षित रखने के लिए कंपनियों को पत्र भेज दिए गए हैं। कोर्ट को यह भी बताया गया कि जैसे ही जानकारी मिलेगी, उसे केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा। दूसरी ओर गिरिबाला सिंह की तरफ से CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की अर्जी भी लगाई गई है।
FIR में दहेज मांग का आरोप भी शामिल
CBI ने सोमवार रात गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। FIR में दहेज में पैसों की मांग का आरोप भी शामिल किया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घरेलू तनाव और आर्थिक विवाद इस मामले से जुड़े थे।
समर्थ सिंह ने क्या कहा?
पूछताछ में समर्थ सिंह ने स्वीकार किया कि उसका और ट्विशा का रिश्ता तनावपूर्ण था, लेकिन उसने किसी भी तरह की शारीरिक हिंसा से इनकार किया। उसने कहा कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन वे सामान्य वैवाहिक विवाद थे। समर्थ के मुताबिक, ट्विशा के भाई की शादी के बाद रिश्ते में तनाव बढ़ने लगा था।
गर्भावस्था और मानसिक स्थिति पर भी सवाल
जांच में ट्विशा की गर्भावस्था और मानसिक स्वास्थ्य बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वॉट्सऐप चैट में समर्थ ने गर्भावस्था और बच्चे के पितृत्व पर सवाल उठाए थे। वहीं समर्थ का दावा है कि ट्विशा मानसिक तनाव में थीं और उन्हें बाइपोलर डिसऑर्डर था। दूसरी तरफ ट्विशा के परिवार का आरोप है कि गर्भावस्था से जुड़े विवाद के बाद ही उनका मानसिक इलाज शुरू हुआ और इस दौरान उनका करीब 15 किलो वजन कम हो गया था।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

