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Twisha Sharma Case: पोस्टमार्टम में बड़ी चूक का दावा, क्या इससे पलट सकता है पूरा केस?

09 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
Twisha Sharma Case: पोस्टमार्टम में बड़ी चूक का दावा, क्या इससे पलट सकता है पूरा केस?
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच को लेकर नया विवाद सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को वह लिगेचर (फंदा) उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाए जाने की बात कही गई थी। इस दावे के बाद जांच प्रक्रिया पर नए सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


लिगेचर की जब्ती पर भी सवाल

सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से एक फंदा जब्त किया गया था, लेकिन उसके संबंध में आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी नहीं होने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रिकॉर्ड में यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त किया गया फंदा वही था या नहीं, जिसे घटना से जोड़ा जा रहा है। यदि जांच के दौरान यह तथ्य सही साबित होता है तो अदालत में साक्ष्यों की स्वीकार्यता पर सवाल उठ सकते हैं।


वकील का दावा- इससे केस प्रभावित हो सकता है

ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंकुर पांडेय ने दावा किया कि इस तरह की चूक अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर कर सकती है। उनका कहना है कि यदि सबूतों की जब्ती और दस्तावेजी प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां साबित होती हैं तो इसका लाभ आरोपी पक्ष को मिल सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।


CBI की जांच का फोकस प्रेग्नेंसी एंगल

मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी का फोकस ट्विशा शर्मा की प्रेग्नेंसी और उससे जुड़े घटनाक्रम पर भी है। बताया जा रहा है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पति-पत्नी के बीच इस मुद्दे पर विवाद होने के संकेत मिले हैं। वहीं, आरोपी पक्ष पहले भी कह चुका है कि प्रेग्नेंसी से जुड़े फैसले आपसी सहमति से लिए गए थे। इन दावों की जांच जारी है।


पति और सास न्यायिक हिरासत में

CBI ने हाल ही में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की रिमांड आगे नहीं बढ़ाई थी। इसके बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी मामले से जुड़े डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। अभी तक एजेंसी ने अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।


मौत से पहले की गतिविधियां भी जांच के दायरे में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना वाले दिन ट्विशा और समर्थ अलग-अलग समय पर एक ही पार्क पहुंचे थे, लेकिन दोनों की मुलाकात नहीं हुई। जांच में समर्थ सिंह ने बयान दिया कि दोनों शाम को अलग-अलग रास्तों से घर लौटे थे। जांच एजेंसियां इन दावों का उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक और अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही हैं।


क्या है पूरा मामला?

नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई 2026 की रात वह अपने ससुराल की छत पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। घटना के बाद परिवार की शिकायत, सबूतों को लेकर उठे सवाल और जांच पर विवाद के चलते पहले SIT और बाद में मामला CBI को सौंपा गया। फिलहाल जांच जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

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