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'यह बच्चा किसका है?' सवाल के बाद बढ़ा विवाद, ट्विशा शर्मा केस में CBI जांच अंतिम चरण में

06 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
'यह बच्चा किसका है?' सवाल के बाद बढ़ा विवाद, ट्विशा शर्मा केस में CBI जांच अंतिम चरण में
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। फिल्म अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत की जांच अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की पड़ताल में कई ऐसे पहलू सामने आए हैं, जिन्होंने इस मामले को सिर्फ कथित दहेज मौत के दायरे से कहीं बड़ा बना दिया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, रिश्तों में तनाव, मानसिक स्थिति, कथित ड्रग्स एंगल और प्रेग्नेंसी से जुड़े विवाद की भी गहराई से जांच की गई है। अब केस को चार्जशीट के रूप में अंतिम रूप देने की तैयारी चल रही है।


CBI चार्जशीट से पहले जोड़ रही केस की हर कड़ी

सूत्रों के मुताबिक CBI ने मामले के प्रमुख बिंदुओं की जांच लगभग पूरी कर ली है। अब एजेंसी आरोपियों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल एविडेंस और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि केस की हर कड़ी तार्किक और कानूनी रूप से मजबूत तरीके से जोड़ी जाए। इसके लिए विशेषज्ञों की राय भी ली जा रही है।


प्रेग्नेंसी विवाद बना जांच का अहम केंद्र

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, ट्विशा शर्मा और उनके पति समर्थ सिंह के बीच प्रेग्नेंसी को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। सूत्र बताते हैं कि समर्थ सिंह ने कथित तौर पर ट्विशा से बच्चे को लेकर सवाल उठाया था। इसी मुद्दे के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव तेजी से बढ़ा। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह विवाद उनके वैवाहिक संबंधों में आई सबसे बड़ी दरारों में से एक था।


मां को भी बताई थी विवाद की बात

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रेग्नेंसी को लेकर हुए विवाद से ट्विशा काफी आहत हुई थीं। उन्होंने कथित तौर पर अपनी मां को भी इस घटना की जानकारी दी थी। बताया जाता है कि परिवार की ओर से उन्हें स्थिति को नजरअंदाज करने की सलाह दी गई थी, लेकिन विवाद का असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बना रहा। यही कारण है कि जांच एजेंसियों ने इस पहलू को गंभीरता से खंगाला।


डिजिटल एविडेंस से मिले अहम संकेत

CBI की पूछताछ और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई तथ्यों की पुष्टि होने की बात सामने आई है। अधिकारियों ने मोबाइल डेटा, मैसेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया है। सूत्रों का दावा है कि उपलब्ध डिजिटल एविडेंस ने रिश्तों में बढ़ते तनाव और विवाद की दिशा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


गर्भपात का एंगल भी जांच में शामिल

जांच में यह बात भी सामने आई है कि आपसी सहमति से गर्भपात कराए जाने के पहलू की भी पड़ताल की गई। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि इस घटनाक्रम का दोनों के संबंधों पर कितना प्रभाव पड़ा। हालांकि अंतिम निष्कर्ष और कानूनी जिम्मेदारी को लेकर तस्वीर चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


जल्द दाखिल हो सकती है चार्जशीट

CBI अब मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों और बयानों को व्यवस्थित कर रही है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट और चार्जशीट जल्द अदालत में पेश की जा सकती है।

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