
भोपाल। एक होनहार छात्रा… ढेर सारे सपने… और अचानक एक फंदा। मध्यप्रदेश के गांधी नगर स्थित UIT-RGPV कॉलेज का माहौल गुरुवार से सन्न है। बीटेक फर्स्ट ईयर की छात्रा सव्याश्री मुनागला ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। लेकिन इस आत्महत्या ने अब एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या यह सिर्फ एक निजी कदम था या सिस्टम की बेरुखी ने एक ज़िंदगी छीन ली?
सीनियर का आरोप: “वार्डन ने बदनाम किया”
कॉलेज के सीनियर छात्र आर्यमन देशमुख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सव्याश्री को हॉस्टल वार्डन ने एक युवक के साथ देखने के बाद मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
उनका दावा है कि वार्डन ने न सिर्फ छात्रा को फटकारा, बल्कि उसके कथित वीडियो बनाकर परिजनों को भेज दिए।
“अगर गलती थी भी तो उसे बदनाम करने की क्या जरूरत थी?” – आर्यमन
छात्रों में आक्रोश, प्रबंधन कैमरे से दूर
छात्र समीर शुक्ला ने भी कहा कि इस मामले की चर्चा पूरे कॉलेज में थी और बदनामी के डर से सव्याश्री तनाव में थी।
वहीं जब मीडिया ने प्रबंधन से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने ऑन कैमरा बोलने से इनकार कर दिया। कुछ छात्र खुलकर सामने आए, तो कई ऑफ कैमरा दर्द बयां करते रहे।
वार्डन के समर्थन में भी आवाज
छात्र संभव सिंह का कहना है कि वार्डन ने सिर्फ अपने कर्तव्य का पालन किया। उनके अनुसार छात्रा ने बिना अनुमति छुट्टी ली थी और नियमों का उल्लंघन किया था। इसलिए परिजनों को सूचित करना गलत नहीं था।
हॉस्टल स्टाफ का बयान
हॉस्टल की एक महिला कर्मचारी ने बताया कि सव्याश्री को एक युवक के साथ देखा गया था और समझाइश दी गई थी।
“वीडियो बनाने की बात गलत है। वह डर गई थी और रो रही थी कि घर वालों को न बताएं।”
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
छात्रा का शव दुपट्टे से बने फंदे पर मिला
कोई सुसाइड नोट नहीं
मोबाइल और लैपटॉप जब्त (दोनों लॉक)
एफएसएल जांच जारी
एसआई कन्हैयालाल यादव के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
कौन थी सव्याश्री?
उम्र: 19 साल
निवासी: धार जिला
कोर्स: CSBS (कंप्यूटर साइंस एंड बिजनेस सिस्टम)
UIT-RGPV में बीटेक फर्स्ट ईयर
10 जनवरी से रूम में अकेली रह रही थी
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