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17 सितंबर को उज्जैन में जलेगा 25 लाख से ज्यादा दीपों का उजाला, 7 लाख दीयों से बनेगी PM मोदी की आकृति

16 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
17 सितंबर को उज्जैन में जलेगा 25 लाख से ज्यादा दीपों का उजाला, 7 लाख दीयों से बनेगी PM मोदी की आकृति
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हो रहे ‘सेवा से संकल्प अभियान’ के तहत उज्जैन में बड़ा दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। शाम 7 बजे शिप्रा घाटों और श्री महाकाल लोक में 25 लाख से ज्यादा दीप एक साथ जलाने की तैयारी है।


आयोजन में कार्तिक मेला ग्राउंड पर करीब 7 लाख दीपों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकृति बनाई जाएगी। जनभागीदारी वाले इस कार्यक्रम में उज्जैन फिर बड़े स्तर पर दीप प्रज्वलन का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश करेगा।


7 सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में पूरी तैयारी

शिप्रा किनारे का आयोजन क्षेत्र 7 सेक्टर और 250 सब-सेक्टर में बांटा गया है। यहां 11 हजार से अधिक ब्लॉक तैयार किए गए हैं और प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीपक रखे जाएंगे।


मंगलवार तक 15 लाख से ज्यादा दीपक बॉक्स में पैक हो चुके थे। ट्रैक्टरों से इन्हें घाटों तक पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। जरूरत के लिए अतिरिक्त दीपकों की पैकिंग जारी है।


इन सेक्टरों में केदारेश्वर घाट से दत्त अखाड़ा, गुरु नानक घाट, सुनहरी घाट, रामघाट, नरसिंह घाट ब्रिज, कर्कराज मंदिर, माली कैफे, भूखी माता, लालपुल और गऊघाट से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं।


बारिश से बचाने के लिए 13 हजार फाइबर शीट

मौसम को ध्यान में रखते हुए दीपों के प्रत्येक ब्लॉक को ढंकने की व्यवस्था रखी गई है। इसके लिए करीब 13 हजार फाइबर शीट मंगाई गई हैं।


बारिश की स्थिति में वॉलेंटियर्स इन शीट से दीपों वाले ब्लॉकों को ढकेंगे। बुधवार से ब्लॉकों में दीपक सजाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


25 हजार वॉलेंटियर्स संभालेंगे जिम्मेदारी

पूरे आयोजन में करीब 25 हजार वॉलेंटियर्स लगाए जा रहे हैं। दीप जलाने के लिए लगभग 45 हजार लीटर खाद्य तेल जुटाया गया है।


बत्ती को आसानी से जलाने के लिए 1,000 किलो कपूर का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ में 53 हजार मोमबत्तियां और 10 हजार माचिस भी उपलब्ध कराई गई हैं।


अयोध्या के 26.17 लाख दीपों के रिकॉर्ड पर नजर

उज्जैन के आयोजन का एक बड़ा लक्ष्य दीप प्रज्वलन के मौजूदा रिकॉर्ड को चुनौती देना है। अयोध्या में एक साथ 26 लाख 17 हजार 215 दीपक प्रज्वलित किए गए थे।


उज्जैन में इससे पहले 2023 की महाशिवरात्रि पर 18 लाख 82 हजार 229 दीपक जलाए गए थे। इस बार 25 लाख से ज्यादा दीपों के साथ उससे बड़े स्तर का आयोजन प्रस्तावित है।


बुधवार दोपहर होगा दीपोत्सव का ट्रायल

कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय, अनुशासन और तय समय के अनुसार काम पूरा करने के निर्देश दिए।


बुधवार दोपहर 12 बजे दीपोत्सव का ट्रायल होगा। इसमें दीप प्रज्वलन और अन्य व्यवस्थाओं को परखा जाएगा तथा सामने आने वाली कमियों को दूर किया जाएगा।


17 सितंबर को दोपहर 1 बजे पहुंचेंगी टीमें

कार्यक्रम वाले दिन सेक्टर और सब-सेक्टर अधिकारी व वॉलेंटियर्स अपनी टीमों के साथ दोपहर 1 बजे निर्धारित घाटों पर पहुंचेंगे। सभी वॉलेंटियर्स को आईडी भी दिए जाएंगे।


संभागायुक्त आशीष सिंह और एडीजीपी राकेश गुप्ता ने मंगलवार को रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी सेक्टरों में मेडिकल टीम, बड़ी स्क्रीन और आपातकालीन व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

दीपोत्सव की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीप जलाकर करेंगे। कार्यक्रम से पहले रिहर्सल भी कराई जाएगी, ताकि आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं का संचालन तय योजना के अनुसार हो सके।

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