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आखिर कैसे एक मोबाइल ऐप से बीच सड़क रुकने लगे ई-रिक्शा? पुलिस जांच में खुला पूरा खेल

02 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
आखिर कैसे एक मोबाइल ऐप से बीच सड़क रुकने लगे ई-रिक्शा? पुलिस जांच में खुला पूरा खेल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उज्जैन में ई-रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस ने 18 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बनाकर वाहन बंद करने और फिर पैसे लेकर दोबारा चालू करने का आरोप है।


इसी तरह की परेशानी भोपाल में भी सामने आई है, जहां कई ई-रिक्शों की बैटरियां ऐप के जरिए लॉक होने से वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। मामले में पुलिस तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।


आरोपी ऐसे करता था ठगी

पुलिस जांच में आरोपी की पहचान रीतेश भानूपा (18) निवासी ग्राम नवली, थाना भैरूगढ़ के रूप में हुई है। जांच के अनुसार वह BAT BMS मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर ब्लूटूथ के जरिए आसपास मौजूद ई-रिक्शा के Battery Management System (BMS) तक पहुंच बनाता था। इसके बाद वाहन बंद कर देता और खुद को मैकेनिक बताकर 200 से 300 रुपये लेकर दोबारा चालू कर देता था।


लगातार घटनाओं के बाद बढ़ा संदेह

उज्जैन में पिछले 4–5 दिनों के दौरान आधा दर्जन से अधिक ई-रिक्शे चलते-चलते अचानक बंद हो गए। हर बार एक युवक मौके पर पहुंचकर वाहन ठीक करने का दावा करता और कुछ मिनटों में रिक्शा चालू कर देता। लगातार एक जैसी घटनाएं होने पर ई-रिक्शा एसोसिएशन ने पुलिस से शिकायत की।


चालक की सूझबूझ से आरोपी पकड़ा गया

पुलिस ने चालकों से संदिग्ध व्यक्ति की सूचना देने को कहा था। बुधवार शाम लोटी स्कूल तिराहे पर एक ई-रिक्शा बंद होने के बाद आरोपी वहां पहुंचा और 300 रुपये मांगने लगा। चालक ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।


घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा भी नहीं बचा

ई-रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि उनके घर के बाहर खड़ी गाड़ी भी स्टार्ट नहीं हुई। बाद में एक दोस्त ने सिस्टम की जांच कर वाहन दोबारा चालू किया। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है।


एक ऐप से कई ई-रिक्शे चालू किए

चालक रिंकू के अनुसार बुधवार को दो तालाबों के पास उनका ई-रिक्शा अचानक बंद हो गया। कंपनी से संपर्क करने पर उन्हें एक ऐप भेजा गया, जिसकी मदद से उन्होंने अपनी गाड़ी चालू कर ली। बाद में उसी ऐप से उन्होंने रास्ते में मिले अन्य चालकों की भी मदद की। उनका दावा है कि पिछले 24 घंटे में उन्होंने 10 से 15 ई-रिक्शे इसी तरीके से चालू किए।


भोपाल में भी बैटरी लॉक होने से परेशानी

बुधवार रात पुराने भोपाल में कई ई-रिक्शों की बैटरियां ऐप के जरिए लॉक हो गईं। बीच रास्ते वाहन बंद होने से यात्रियों और चालकों को दिक्कत हुई तथा कुछ स्थानों पर विवाद की स्थिति भी बनी। भोपाल में करीब 5 हजार से अधिक ई-रिक्शे संचालित होते हैं।


चालकों ने कंपनी पर लगाए पैसे लेने के आरोप

ई-रिक्शा चालक मोहम्मद अख्तर ने बताया कि उनका रिक्शा एक ही दिन में चार बार बंद हुआ। उनका कहना है कि वे स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने का काम करते हैं, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन्सी चौराहे स्थित कंपनी कार्यालय में बैटरी अनलॉक कराने के लिए उनसे 400 रुपये लिए गए।


पुलिस क्या जांच कर रही है

पुलिस के अनुसार BAT BMS ऐप Google Play Store पर उपलब्ध है। ब्लूटूथ चालू होने पर यह आसपास मौजूद कुछ ई-रिक्शा के BMS को खोज सकता है। यदि सिस्टम पासवर्ड से सुरक्षित नहीं हो तो कुछ नियंत्रण विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि संबंधित ई-रिक्शा मॉडलों में सुरक्षा संबंधी क्या कमियां थीं और आरोपी ने उनका तकनीकी रूप से किस तरह फायदा उठाया।


कंपनियां बढ़ा रही हैं सुरक्षा

कुछ चालकों का कहना है कि BAT BMS के अलावा xiaoxiang जैसे अन्य ऐप से भी ई-रिक्शा प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक कई कंपनियां अब ब्लूटूथ के लिए पासवर्ड सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कंपनी से संपर्क कर BMS का पासवर्ड सेट कराएं ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।


पुलिस का बयान

ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर इंद्रपाल राजपूत ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई। नीलगंगा थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साइबर ठगी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस तरीके से अब तक कितने ई-रिक्शा चालक प्रभावित हुए हैं।

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