
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें मिशन वात्सल्य योजना में गैर संस्थागत सेवा योजना- स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर को आगामी 5 वर्षों तक प्रदेश के सभी जिलों में संचालित करने की स्वीकृति दी गई। योजना के तहत पात्र बच्चों को 4-4 हजार रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को आफ्टर केयर के माध्यम से रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त माता के बच्चे, अनाथ एवं विस्तारित परिवार के साथ निवासरत बच्चे, असाध्य बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे, बच्चे की शारीरिक और आर्थिक रूप से देखभाल करने में असमर्थ माता पिता के बच्चे, किशोर न्याय अधिनियम 2015 के अनुसार देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे (बेघर, प्राकृतिक आपदा से पीड़ित, बाल श्रमिक, बाल वेश्यावृति के शिकार, एड्स पीड़ित, बाल भिक्षुक, सड़क पर रहने वाले, घर से भागे, निर्योग्यत वाले, लापता, शोषण और दुर्व्यवहार के शिकार श्रेणी के बच्चे) लाभान्वित होंगे।
मिशन वात्सल्य योजना क्रियान्वयन के लिए कुल 1,022 करोड़ 40 लाख रुपये का व्यय होगा। इसमें राज्यांश 408 करोड़ 96 लाख रुपये और केंद्रांश 613 करोड़ 44 लाख रुपये होगा। इससे प्रदेश के 33 हजार 346 बच्चे लाभान्वित होंगे। यदि योजना अन्तर्गत निर्धारित स्वीकृत अवधि में भारत सरकार द्वारा योजना मापदण्डों में कोई परिवर्तन किए जाते है तो उक्त अवधि में परिवर्तित मापदण्ड प्रभावशील होंगे।
सोलर पंप स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति
प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना में सिंचाई के लिए सोलर पंप स्थापना की योजना में संशोधन की स्वीकृति दी गई। संशोधन अनुसार कृषकों को स्वीकृत सोलर पंप स्थापना क्षमता से एक क्षमता अधिक तक का विकल्प दिया जाएगा। अब 3 एचपी के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 5 एचपी और 5 एचपी के अस्थाई विद्युत कनेक्शनधारियों को 7.5 एचपी का सोलर पंप देने का विकल्प दिया जाएगा। योजना के प्रथम चरण में अस्थाई विद्युत कनेक्शन संयोजन वाले किसानों या अविद्युतीकृत किसानों को सोलर पम्प का लाभ दिया जाएगा। योजना अनुसार 7.5 एचपी क्षमता तक का सोलर पम्प पम्प लगाने के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन धारी कृषक का अंश 10% रहेगा। शासन द्वारा 90% की सब्सिडी दी जाएगी।
आयुष चिकित्सालयों में 373 नए पदों को स्वीकृति
प्रदेश के 12 जिलों भोपाल, इन्दौर, नरसिंहपुर, मण्डलेश्वर (खरगौन), बालाघाट, गुना, भिण्ड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर एवं शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बिस्तर वाले आयुष चिकित्सलयों और बड़वानी जिले में 30 बिस्तर के चिकित्सालय के संचालन के लिए 373 पद और 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑन कॉल की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत नए पदों में प्रथम श्रेणी के 52 पद, द्वितीय श्रेणी के 91 और तृतीय श्रेणी के 230 पद शामिल है। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25 करोड़ 57 लाख रूपये आयेगा। इसके साथ ही स्वीकृत मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय श्रेणी के 117 और चतुर्थ श्रेणी के 598 पद शामिल है। मानव सेवाओं का प्रबंधन भारत सरकार के राष्ट्रीय आयुष मिशन से किया जाएगा।
ये निर्णय भी लिए गए
- मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती के लिए सेवा शर्ते और नियम अनुमोदित।
- मेडिको लीगल संस्थान के अधिकारियों को पुनरीक्षित (सातवें) वेतनमान का वास्तविक लाभ दिए जाने की स्वीकृति दी गई।
- प्रदेश में क्रियान्वित सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड योजना में संशोधन किये जाने की स्वीकृति दी गई।
- नव गठित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आगर-मालवा के लिए नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।
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