
भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है। पार्टी का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इसके बाद बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की। वहीं, टिकट की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कौन हैं आशुतोष तिवारी?
आशुतोष तिवारी भाजपा के लंबे समय से सक्रिय और संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले नेता हैं। वे पार्टी के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया था, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन उस समय पार्टी ने प्रदीप अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया था। अब भाजपा ने उन्हें दतिया उपचुनाव में मौका दिया है।
नरोत्तम मिश्रा को बड़ा राजनीतिक झटका
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को इस सीट से भाजपा का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद से वे लगातार दतिया में सक्रिय थे और कई चुनावी सभाएं भी कर चुके थे। गुरुवार को उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था, जिससे उनकी दावेदारी लगभग तय मानी जा रही थी। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने अंतिम समय में आशुतोष तिवारी पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दे दिया।
टिकट मिलने पर क्या बोले आशुतोष तिवारी?
उम्मीदवार घोषित होने के बाद आशुतोष तिवारी ने कहा, "मैं पार्टी का छोटा सा कार्यकर्ता हूं। पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है, इसके लिए मैं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा हमारे वरिष्ठ नेता हैं और वे चुनाव प्रचार में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।"
अब तक कितने लोगों ने खरीदा नामांकन फॉर्म?
दतिया उपचुनाव के लिए अब तक 13 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जबकि 4 उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। नामांकन प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में अन्य उम्मीदवार भी अपने पर्चे दाखिल कर सकते हैं।
दतिया उपचुनाव क्यों हो रहा है?
दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। उनकी सजा पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट के इनकार के बाद सीट रिक्त बनी रही, जिसके चलते निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की घोषणा की।
दतिया उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
6 जुलाई 2026: अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू
13 जुलाई 2026: नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि
14 जुलाई 2026: नामांकन पत्रों की जांच
16 जुलाई 2026: नाम वापस लेने की अंतिम तिथि
30 जुलाई 2026: मतदान
3 अगस्त 2026: मतगणना
प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दतिया उपचुनाव
दतिया उपचुनाव को भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। भाजपा ने संगठन के युवा चेहरे आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया है, जबकि नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर रहेगी।
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