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विदिशा में पोषण व्यवस्था की जमीनी पड़ताल, सचिव रश्मि ने आंगनबाड़ी से सामुदायिक रसोई तक किया निरीक्षण

26 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
विदिशा में पोषण व्यवस्था की जमीनी पड़ताल, सचिव रश्मि ने आंगनबाड़ी से सामुदायिक रसोई तक किया निरीक्षण
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। बच्चों के पोषण और कुपोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए महिला एवं बाल विकास सचिव जी.वी. रश्मि ने शुक्रवार को विदिशा जिले का दौरा किया। उन्होंने कई आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्यारसपुर के पोषण पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाएं देखीं।


दौरे में पोषण आहार की गुणवत्ता से लेकर कुपोषित बच्चों के उपचार और पुनर्वास तक की प्रक्रिया पर जानकारी ली गई। ग्यारसपुर की सामुदायिक रसोई में तैयार पौष्टिक पोहा चखकर भोजन की गुणवत्ता भी परखी गई।


कई सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण

सचिव ने ग्राम कुंआखेड़ी के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र से निरीक्षण की शुरुआत की। यहां बच्चों को मिल रही सुविधाओं, पोषण आहार और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।


इसके बाद विदिशा ग्रामीण परियोजना के खरी तथा ग्यारसपुर परियोजना के अटारीखेजड़ा क्रमांक-2 और 3 एवं मानोरा क्रमांक-2 केंद्रों का जायजा लिया गया।


निरीक्षण के दौरान बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य-पोषण संबंधी इंतजाम और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति देखी गई।


कुपोषित बच्चों के उपचार और निगरानी पर फोकस

ग्यारसपुर के पोषण पुनर्वास केंद्र में अतिगंभीर और कुपोषित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की समीक्षा हुई।


सचिव ने बच्चों और उनके परिवारों से बातचीत कर उपचार तथा पोषण की स्थिति समझी। अधिकारियों से यह भी जाना गया कि उपचार के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की निगरानी किस तरह की जा रही है।


रश्मि ने बताया, सिर्फ भोजन देना पर्याप्त नहीं

जी.वी. रश्मि ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ उनकी पोषण स्थिति पर नियमित नजर रखना जरूरी है।


उन्होंने समय पर पहचान, आवश्यक उपचार और परिवार की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा की सेवाओं के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।


पोहा चखकर जांची सामुदायिक रसोई की गुणवत्ता

ग्यारसपुर में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई का निरीक्षण भी किया गया।


सचिव और कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने यहां तैयार किए जा रहे पौष्टिक पोहा का स्वाद लेकर गुणवत्ता जांची। समूह की महिलाओं से भोजन में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री और पोषक तत्वों के बारे में जानकारी ली गई।


भोजन तैयार करने से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में स्वच्छता, गुणवत्ता और निर्धारित पोषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


पोषण सेवाओं के साथ महिला समूहों को आजीविका

प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों के अलावा गर्भवती और धात्री माताओं तथा अन्य पात्र हितग्राहियों तक पोषण सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।


सामुदायिक रसोई की व्यवस्था से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।


कलेक्टर ने जिले की योजनाओं की जानकारी दी

कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने जी.वी. रश्मि को जिले में चल रही विभागीय योजनाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं से अवगत कराया।


उन्होंने पोषण पुनर्वास केंद्र और सामुदायिक रसोई की स्थिति के साथ बच्चों के पोषण स्तर में सुधार तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। 


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