शुक्रवार, 24 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

विक्रम व्यापार मेला 2026: 50% टैक्स छूट से ऑटो बाजार में बूम, पहले दिन 501 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री

17 फ़र, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
विक्रम व्यापार मेला 2026: 50% टैक्स छूट से ऑटो बाजार में बूम, पहले दिन 501 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री

विक्रम व्यापार मेला 2026: 50% टैक्स छूट से ऑटो बाजार में बूम, पहले दिन 501 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

उज्जैन। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध शहर अब ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी नई आर्थिक तेजी दर्ज कर रहा है। विक्रम व्यापार मेला 2026 के दौरान प्रदेश सरकार ने दोपहिया, कार और हल्के वाहनों पर लाइफटाइम मोटरयान टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी है। 15 फरवरी से 18 मार्च तक लागू इस राहत का असर पहले ही दिन दिख गया, जब 501 वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। खास बात यह रही कि लग्जरी कारों की मांग अचानक बढ़ गई और प्रीमियम ब्रांड्स के स्टॉल पर भीड़ देखने को मिली।


ऑन-रोड कीमत घटी, बढ़ी खरीदारों की दिलचस्पी

आरटीओ संतोष मालवीय के मुताबिक 16 फरवरी को भौतिक सत्यापन और कर निर्धारण के बाद कुल 501 वाहनों का पंजीयन हुआ। इनमें 136 दोपहिया, 340 चारपहिया और 25 अन्य हल्के वाहन शामिल हैं। लाइफटाइम टैक्स में आधी छूट मिलने से ऑन-रोड कीमत में बड़ी कमी आई है, जिससे ग्राहकों की खरीद क्षमता बढ़ी और डीलरशिप पर बुकिंग व डिलीवरी की प्रक्रिया तेज हो गई।


लग्जरी कारों की मांग में उछाल

इस बार मेले में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज और जैगवार जैसे लग्जरी ब्रांड्स की मांग भी तेजी से बढ़ी है। टैक्स राहत का सीधा फायदा हाई-एंड कार सेगमेंट में दिख रहा है, क्योंकि कीमत कम होने से प्रीमियम कारें खरीदने वालों की संख्या बढ़ गई है। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह छूट बाजार में नई डिमांड पैदा कर रही है।


पिछले सालों के रिकॉर्ड भी टूटने के आसार

इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में लगे वाहन मेले में 124 चारपहिया और 40 दोपहिया वाहनों के अस्थाई आउटलेट बनाए गए हैं। सोमवार को 450 से ज्यादा वाहन बिके, जबकि उद्घाटन के दिन ही 41 वाहन बिक्री दर्ज हुई थी। अधिकारियों का मानना है कि इस बार मेला ग्वालियर और पिछले दो वर्षों के उज्जैन आयोजनों का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।


पहले कैसा रहा मेले का प्रदर्शन?

2024: 1 मार्च से 9 अप्रैल तक चले मेले में 23,705 वाहन बिके, जिनमें 5,797 दोपहिया और 17,908 चारपहिया शामिल थे।


2025: 26 फरवरी से 9 अप्रैल तक 36,225 वाहनों की बिक्री हुई और शासन को 186.58 करोड़ रुपए का राजस्व मिला, जबकि इतनी ही राशि की टैक्स छूट भी दी गई।


ऑटो सेक्टर को मिल रही नई रफ्तार

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की कर रियायतें ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने का प्रभावी तरीका बन रही हैं। विक्रमोत्सव के दौरान लगने वाला वाहन मेला अब उज्जैन में ऑटोमोबाइल रजिस्ट्रेशन का पीक सीजन बनता जा रहा है, जहां हर साल बिक्री के नए रिकॉर्ड बनते दिख रहे हैं।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें