
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को अगले दो साल में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए दूध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में दुग्ध सहकारी समितियां गठित कर दूध संकलन की व्यवस्था मजबूत की जा रही है। खेती के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री निवास में शनिवार को आयोजित दीपावली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इसमें मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मध्यप्रदेश नई ऊर्जा के साथ विकास के पथ पर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और सरकार खेती के साथ किसानी के व्यापक स्वरूप यानी पशुपालन, मत्स्य पालन और उद्यानिकी के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली और गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं संचालक जनसंपर्क अरविंद दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली, सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी जोड़ो अभियान सहित विभिन्न प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई के रकबे का विस्तार किया जा रहा है। किसानों को अब दिन में भी 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की शुरुआत की गई है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल अनाज उत्पादन तक सीमित न रखकर पशुपालन और दूध उत्पादन के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश वर्तमान में दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है और इसे शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों को संपत्ति का पक्का अधिकार
मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना' को ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से ग्रामीण आबादी को उनकी संपत्ति का पंजीकृत दस्तावेज और स्वामित्व का पक्का अधिकार दिया जा रहा है। धनतेरस पर मुरैना जिले के एक गांव में योजना के हितग्राहियों से मुलाकात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संपत्ति के अधिकार की प्रक्रिया पूरी होने पर ग्रामीण भावुक हो उठे। यह योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के कानूनी अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज स्थापित किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मंडला और बालाघाट में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है, जहां इसी सत्र से प्रवेश शुरू होगा।
धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक विकास को नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सड़क और रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। धार और झाबुआ तक रेल लाइन पहुंचने के साथ प्रदेश के प्रत्येक जिले, संभाग और छोटे शहरों को औद्योगिक विकास से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकाल महालोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उज्जैन को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। वहीं, 2500 करोड़ रुपये की लागत से ओंकारेश्वर कॉरिडोर तथा 2000 करोड़ रुपये की लागत से चित्रकूट और ओरछा में रामराजा सरकार के मंदिर का कायाकल्प किया जा रहा है।
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