
भोपाल। मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल में दिनभर तेज धूप खिली रही, लेकिन देर रात अचानक बादल घिर आए और वर्षा शुरू हो गई। फरवरी महीने में यह तीसरी बार है जब असमय वर्षा हुई है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। इस बेमौसम वर्षा का असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है। विशेषकर गेहूं और चने की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज भी ग्वालियर तथा चंबल संभाग के आठ जिलों में वर्षा की चेतावनी जारी की है।पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कटनी जिले का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, उज्जैन में 16.2 डिग्री, जबलपुर में 13.1 डिग्री और ग्वालियर में 13 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह और शाम हल्की ठंड का असर अभी भी बना हुआ है।
2 चक्रवात और एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इस समय दो चक्रवाती परिसंचरण तंत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जिसके कारण यह परिवर्तन देखा जा रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि कल से ये तंत्र कमजोर पड़ने लगेंगे। कल प्रदेश में कहीं भी वर्षा की चेतावनी नहीं है।आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इस महीने सुबह और शाम हल्की ठंड बनी रहेगी। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से अधिक और अधिकतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर रह सकता है। फिलहाल मौसम के इस बदले स्वरूप ने किसानों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
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