
भोपाल। सोमवार को मध्यप्रदेश में मौसम का अलग ही अंदाज देखने को मिला। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, एक बार फिर प्रदेश में स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम एक्टिव हो गया है, जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिला। इसके असर के चलते प्रदेश में भोपाल,बैतूल,श्योपुर,मंदसौर,नीमच, मैहर, सागर,टीकमगढ़,उज्जैन सहित 20 जिलों में पानी गिरा। साथ ही नीमच,मंदसौर और खरगोन सहित 8 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे।वहीं कई जिलों में बादल का डेरा भी रहा।अब यह सिस्टम और ज्यादा सक्रिय हो रहा है और आज से प्रदेश के लगभग आधे हिस्से को प्रभावित करेगा। जिसके चलते मौसम विभाग ने 31 मार्च को ग्वालियर,दतिया,भिंड मुरैना,श्योपुर, शिवपुरी,निवाड़ी, टीकमगढ़,छतरपुर,पन्ना,सागर, बैतूल,पांढुर्णा,छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में यलो अलर्ट जारी किया है।
अगले 4 दिन प्रदेश में बारिश का दौर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे कई वजहें हैं। प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बना हुआ है और एक ट्रफ लाइन भी मध्यप्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ गई है। इन सभी कारणों से प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। अनुमान है कि आज से शुरू होकर अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस दौरान कहीं तेज हवाएं चलेंगी, तो कहीं झमाझम बारिश और कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी संभावना है। हालांकि, इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम परेशानी का कारण बन सकता है, क्योंकि फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को प्रदेश में गर्मी का असर भी देखने को मिला। भोपाल में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, उज्जैन में 37 डिग्री, जबलपुर में 39.5 डिग्री और ग्वालियर में 35.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं खजुराहो में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री तक पहुंच गया।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

