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बंगाल फतह में MP के नेताओं की बड़ी भूमिका, जिन सीटों पर पहुंचे CM मोहन वहां मिली जीत, 7 में से 6 सीटें BJP ने जीतीं

06 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बंगाल फतह में MP के नेताओं की बड़ी भूमिका, जिन सीटों पर पहुंचे CM मोहन वहां मिली जीत, 7 में से 6 सीटें BJP ने जीतीं
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा उन नेताओं की हो रही है, जिन्होंने मैदान में उतरकर पार्टी के लिए माहौल बनाया। इस जीत में मध्यप्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका भी खास मानी जा रही है। खासकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का चुनावी स्ट्राइक रेट अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 206 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार सरकार बनाने की स्थिति हासिल की है। 


बंगाल में CM मोहन यादव का 86% स्ट्राइक रेट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल चुनाव में कुल 7 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया था। इनमें से 6 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों को जीत मिली, जिसके बाद उनका स्ट्राइक रेट करीब 86 प्रतिशत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे बीजेपी की रणनीतिक चुनावी प्लानिंग का हिस्सा बता रहे हैं। पार्टी ने सीमित लेकिन प्रभावी प्रचार के लिए चुनिंदा नेताओं को ही मैदान में उतारा था।


बांकुरा से शुरू हुआ अभियान, पूरे जिले में BJP मजबूत

डॉ. मोहन यादव ने अपना बंगाल चुनाव अभियान 2 अप्रैल को बांकुरा जिले से शुरू किया था। यहां उन्होंने बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और संयुक्त जनसभा को संबोधित किया। दिलचस्प बात यह रही कि आगे चलकर यही इलाका बीजेपी के सबसे मजबूत क्लस्टर में बदल गया। पार्टी को जिले की लगभग सभी सीटों पर बढ़त और जीत मिली, जिससे संगठन में उत्साह बढ़ गया।


मेदिनीपुर में दिलीप घोष की बड़ी जीत

18 अप्रैल को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कोलकाता और मेदिनीपुर में प्रचार किया। उन्होंने बीजेपी नेता दिलीप घोष के समर्थन में मेदिनीपुर सीट पर चुनावी सभा की। चुनाव नतीजों में दिलीप घोष ने टीएमसी उम्मीदवार को करीब 30 हजार वोटों के बड़े अंतर से हराया। इस जीत को बीजेपी के लिए प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।


कमरहाटी में नहीं चला बीजेपी का गणित

हालांकि बीजेपी को हर जगह सफलता नहीं मिली। कमरहाटी सीट पर बीजेपी उम्मीदवार अरूप चौधरी को हार का सामना करना पड़ा। यह सीट उन चुनिंदा इलाकों में रही जहां टीएमसी अपना प्रभाव बचाने में सफल रही। इसके बावजूद बीजेपी का कुल प्रदर्शन पार्टी के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।


MP के कई दिग्गज नेताओं को बंगाल भेजा गया

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए मध्यप्रदेश से कई वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी दी थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan, विधायक Rameshwar Sharma, सांसद Faggan Singh Kulaste और राज्यसभा सांसद Umesh Nath Maharaj को भी चुनाव प्रचार के लिए भेजा गया था। इन नेताओं ने अलग-अलग क्षेत्रों में सभाएं, रोड शो और संगठनात्मक बैठकों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का काम किया।


बंगाल की जीत ने बदल दिए राजनीतिक समीकरण

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की यह जीत सिर्फ एक चुनावी नतीजा नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे राष्ट्रीय राजनीति के बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। करीब डेढ़ दशक बाद राज्य की सत्ता में बदलाव होने जा रहा है और बीजेपी पहली बार सरकार बनाने की तैयारी में है। 

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