
भोपाल। बच्चे के जन्म की खुशी के बाद अस्पताल के चक्कर लगाने वाली परेशानी अब खत्म होने वाली है। मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित हमीदिया अस्पताल ने एक ऐसी पहल शुरू की है जो हर नए माता-पिता की जिंदगी आसान बना देगी। अब जन्म प्रमाण पत्र के लिए लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं — सर्टिफिकेट सीधे आपके WhatsApp पर आएगा।
क्या थी पुरानी परेशानी?
पहले नवजात के जन्म के बाद माता-पिता को अस्पताल की रिकॉर्ड शाखा में जाकर आवेदन देना पड़ता था। कई बार कागजी प्रक्रिया इतनी लंबी हो जाती थी कि जन्म प्रमाण पत्र पाने के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते थे। इससे न सिर्फ अभिभावक बल्कि अस्पताल के अधिकारी भी परेशान रहते थे। इसी समस्या का हल निकाला डॉ. सुनीता ने — और शुरू हुई एक नई डिजिटल व्यवस्था।
7 दिन में WhatsApp पर मिलेगी PDF
नई प्रक्रिया बेहद सरल है। बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल में रजिस्ट्रेशन आईडी दर्ज की जाती है और परिजनों के WhatsApp नंबर पर बच्चे का नाम व जरूरी जानकारी ली जाती है। इसके बाद महज 7 दिनों के भीतर QR कोड और डिजिटल सिग्नेचर युक्त जन्म प्रमाण पत्र सीधे उनके WhatsApp पर PDF के रूप में भेज दिया जाता है।
12 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला फायदा
डॉ. टंडन के अनुसार अप्रैल 2025 से अब तक 12,000 से अधिक जन्म प्रमाण पत्र डिजिटल रूप में अभिभावकों तक पहुंचाए जा चुके हैं। हमीदिया अस्पताल में रोजाना 40 से 50 प्रसव होते हैं — यानी इस पहल से हर दिन दर्जनों परिवारों को सीधा फायदा मिल रहा है। इस पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी डॉ. शक्ति सिंह राठौड़ को नोडल अधिकारी बनाकर एक समर्पित टीम को सौंपी गई है।
MP के हर जिले तक पहुंचेगी यह सुविधा
फिलहाल यह डिजिटल व्यवस्था भोपाल के हमीदिया अस्पताल तक सीमित है, लेकिन इसकी सफलता को देखते हुए अब इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने की तैयारी चल रही है। अगर यह पहल प्रदेशव्यापी रूप ले लेती है तो लाखों परिवारों को सरकारी दफ्तरों की भागदौड़ से राहत मिलेगी।
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