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इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल से, बाकी में 15 अप्रैल से

04 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल से, बाकी में 15 अप्रैल से
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं का उत्पादन अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगा। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से और बाकी संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं का उत्पादन किया जाएगा। 


सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर गेंहू के उपार्जन से पहले बारदाने की उपलब्धता में आ रही कठिनाई का निराकरण कर लिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश को 50,000 जूट की गठाने का अतिरिक्त आवंटन जारी किया गया है। गेहूं उपार्जन के लिए एचडीपी /पीपी बैग और एक भर्ती जूट के बारदाना का उपयोग करने की अनुमति केंद्र सरकार से राज्य को मिल गई है।


समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए बारदानों की उपलब्धता और अन्य व्यवस्थाओं के लिए केंद्र सरकार से निरंतर समीक्षा कर राज्य सरकार को सहयोग मिल रहा है। प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य अनुसार समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा रही है जो उपार्जन शुरू होने के पहले ही पूरी कर ली जाएगी।


किसानों से गेहूं का उपार्जन के लिए बनाई गई यह रूपरेखा


. जिला विशेष में गेहूं उपार्जन के लक्ष्य अनुसार भंडारण क्षमता उपलब्ध न होने पर गोदाम की भंडारण क्षमता का 120 प्रतिशत भण्डारण का प्रावधान संयुक्त भागीदारी योजना में किया गया है।

. केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत माह मार्च एवं अप्रैल, 2026 का एक साथ और माह मई व जून, 2026 का एक साथ खा‌द्यान्न का वितरण पात्र परिवारों को कराया जाएगा, जिससे लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक रिक्त भण्डारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी।

. मध्यप्रदेश में देश की सर्वाधिक कवर्ड भंडारण क्षमता लगभग 400 लाख मीट्रिक टन क्षमता उपलब्ध है जिसमें से वर्तमान में लगभग 103 लाख मे. टन भण्डारण क्षमता उपलब्ध है जो कि गेहूं के उपार्जन लक्ष्य से अधिक है।

. रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 19.04 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है विगत वर्ष से 3.60 लाख अधिक पंजीयन हुआ है।

. गेहूं का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर है जो कि विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है।

. प्रदेश सरकार इस वर्ष किसानों को गेहूं के समर्थन मूल्य की राशि रुपए 2585 प्रति क्विंटल दिए जाने के साथ राशि रु. 40 प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस दे रही है।

. राजस्व विभाग की ओर से किसानों के पंजीकृत रकबे के सत्यापन का कार्य तीव्रगति से किया जा रहा है, इसके बाद किसानों की स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

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