
भोपाल। जिस नाम से शहर में दहशत और अपराध की कहानियां जुड़ी रही हों, जब उसी शख्स को मामूली मुचलके पर जमानत मिल जाए—तो सवाल उठना लाजिमी है। भोपाल की विशेष अदालत ने कुख्यात राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत को महज 15 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। यह आदेश मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत ने सुनाया।
सूरत से भोपाल तक की गिरफ्तारी
राजू ईरानी को सूरत क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे रिकॉर्ड पर लेकर भोपाल लाया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान उसे पहले 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। रिमांड खत्म होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
जमानत का आधार बना समझौता
जेल भेजे जाने के बाद राजू की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। बचाव पक्ष के वकील एडवोकेट जफर रजा ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है, इसलिए आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद समझौते को आधार मानते हुए जमानत मंजूर कर ली।
पहले ही जताया था भरोसा
राजू ईरानी को 11 जनवरी को भोपाल लाया गया था। पुलिस हिरासत के दौरान जब वह कोर्ट परिसर से बाहर निकला, तो उसने मीडिया के सामने जल्द रिहा होने का दावा भी किया था, जो अब सच साबित हुआ।
कानून से खेलने का आरोप
राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत पर लूट, चोरी और ठगी का माल खरीदने जैसे कई संगीन आरोप रहे हैं। आरोप है कि वह अपने गैंग के सदस्यों को कानूनी मदद दिलवाता रहा है, जिससे वे आसानी से जमानत पा जाते हैं। इसी कारण लोग हैरान हैं कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद उसे महज 15 हजार के बॉन्ड पर राहत कैसे मिल गई।
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