
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार परिवार नियोजन के लिए करोड़ों खर्च करती है… लेकिन कटनी के इस ताज़ा मामले ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है! ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की नसबंदी पूरी प्रक्रिया से कराई थी, फिर भी 3 साल बाद पत्नी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। भरोसे की यह डोर कैसे टूटी? स्वास्थ्य विभाग कितना ज़िम्मेदार? जानिए पूरा मामला…
विजयराघवगढ़ में परिवार नियोजन की 'फेल' कहानी
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र के ग्राम इटौरा निवासी दीपक साहू ने तीन साल पहले अपनी पत्नी की नसबंदी बरही में आयोजित टीटी ऑपरेशन शिविर में करवाई थी।
दो बच्चों के बाद परिवार को सीमित रखने का फैसला उनका भविष्य सुरक्षित करने की योजना का हिस्सा था।
लेकिन दीपक कहते हैं, "अगर ऑपरेशन सही तरीके से किया गया होता, तो हमें यह स्थिति नहीं झेलनी पड़ती।"
तीन साल बाद फिर ठहरा गर्भ!
नसबंदी के बाद भी दीपक की पत्नी को तीसरी बार गर्भ ठहर गया और कटनी जिला अस्पताल में उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। तीसरे बच्चे के जन्म पर खुशी तो है, पर अचानक बढ़ी आर्थिक और सामाजिक जिम्मेदारियों ने पूरे परिवार को चिंता में डाल दिया है।
181 पर दर्ज कराई शिकायत — कठोर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दीपक साहू ने 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है।
उनकी मांग है कि, "संबंधित डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई हो और बच्चे के लालन-पालन के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।"
'हम दो, हमारे दो' अभियान को चोट
दीपक का कहना है कि, "स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही हम दो, हमारे दो जैसे सरकारी संदेशों को कमजोर करती है और आम जनता का भरोसा भी हिलाती है।"
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