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एम्स भोपाल में यलो फीवर टीका उपलब्ध, अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले अनिवार्य हैं ये टीकाकरण

26 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एम्स भोपाल

एम्स भोपाल

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डेस्क रिपोर्टर

 भोपाल । एम्स भोपाल ने स्पष्ट किया है कि यलो फीवर टीका संस्थान में पहले भी उपलब्ध था और अब भी उपलब्ध है। मध्य प्रदेश में यलो फीवर वैक्सीनेशन का अधिकृत केंद्र केवल एम्स भोपाल है, जिससे शिक्षा, व्यवसाय और टूरिज़्म वीज़ा प्रक्रिया सुचारू रहती है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा से पहले अनिवार्य टीकाकरण की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों, व्यवसायिक यात्रियों और पर्यटकों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
एम्स भोपाल ने स्पष्ट किया है कि संस्थान में यलो फीवर टीका पहले भी उपलब्ध था और अब भी उपलब्ध है। यह भी पुनः बताया जाता है कि वेबसाइट पर प्रदर्शित जानकारी से उत्पन्न भ्रांति के विपरीत, वैक्सीन हमेशा से उपलब्ध रही है। वैक्सीनेशन उपलब्ध होने से लोगों को शिक्षा, व्यवसाय और टूरिज़्म वीज़ा प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। दरअसल मध्य प्रदेश में यलो फीवर वैक्सीनेशन का अधिकृत केंद्र केवल एम्स भोपाल है।


पीला बुखार क्या है?

यह एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से रात में काटने वाले मच्छरों द्वारा फैलती है।
एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) जैसे मच्छर इसे फैलाते हैं।
यह मुख्य रूप से अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।

क्या हैं बीमारी के लक्षण

प्रारंभिक लक्षण:
अचानक बुखार, ठंड लगना, गंभीर सिरदर्द, मांसपेशियों और पीठ दर्द, मतली, उल्टी और थकान।
गंभीर लक्षण (विषाक्त चरण): कुछ मामलों में, कुछ लोग गंभीर लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं, जिसमें तेज बुखार, लिवर और किडनी की क्षति, गहरा पेशाब और रक्तस्राव (मुंह, नाक, आंखों या पेट से) शामिल है।
अन्य: पीलिया (त्वचा और आँखों का पीला पड़ना), जो इस बीमारी का एक कारण हो सकता है।






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