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योग आज 'वन अर्थ-वन हेल्थ' की भावना को साकार करने वाला जीवन दर्शन बन चुका है: डॉ. मोहन यादव

27 मई, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
योग आज 'वन अर्थ-वन हेल्थ' की भावना को साकार करने वाला जीवन दर्शन बन चुका है: डॉ. मोहन यादव
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। ‘योग आज महज एक व्यायाम नहीं, बल्कि 'वन अर्थ-वन हेल्थ' की भावना को साकार करने वाला जीवन दर्शन बन चुका है।’ यह संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से बुधवार को खजुराहो में आयोजित ‘योग महोत्सव 2026’ कार्यक्रम में दिया गया। कार्यक्रम उनका वीडियो संदेश दिखाया गया ।


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25 दिवसीय काउंटडाउन के अवसर पर विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय योग परम्परा को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर स्वस्थ, जागरूक एवं आध्यात्मिक रूप से समृद्ध समाज के निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि योग और खजुराहो, दोनों ही सदियों से भारतीय संस्कृति के अभिन्न स्तंभ रहे हैं। हमारी सरकार योग के प्रचार के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। योग को प्रदेश के घर-घर तक पहुंचाने के लिए आयुष विभाग की ओर से इन दिनों ''घर-घर योग-हर व्यक्ति निरोग" अभियान भी चलाया जा रहा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले काउंटडाउन इवेंट से देशभर में लाखों लोग जुड़ रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी भी योग को सहर्ष स्वीकार कर रही है। हम योग को सांस्कृतिक मूल्यों के साथ जोड़कर एक स्वस्थ, जागरूक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध समाज के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।


कार्यक्रम को केंद्रीय आयुष और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने भी संबोधित किया।




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