
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव को लेकर देश में सियासत गरमाती जा रही है। 2024 का आम चुनाव इस बार कई मायनों में अलग होगा। मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए इंडी गठबंधन भी तैयारियों में जुटा है । 26 पार्टियों का इंडी गठबंधन दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के रोड मैप पर लगातार बैठक कर मंथन कर रहा है। गठबंधन के सदस्यों का दावा है कि वो बीजेपी को सत्ता को उखाड़ फेकेंगे, लेकिन कैसे इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
अब सवाल ये हैं कि इंडी गठबंधन किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेगा। एनडीए में पीएम फेस को लेकर स्थिति एक दम साफ है पीएम मोदी ही फेस हैं उन्ही के चेहरे पर पार्टी ने 2014 और 2019 का चुनाव लड़ा, जिसमें पार्टी ऐतिहासिक बहुमत मिली। लेकिन गठबंधन का पीएम फेस कौन होगा इस पर अभी कुछ साफ नहीं है । इंडी गठबंधन से जुड़ी पार्टियों में ऐसे कई नेता हैं जो प्रधानमंत्री बनने का सपना संजोये बैठे हैं। इनमें सबसे आगे हैं बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के ऱाष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार हैं, नीतीश कुमार समय समय पर इशारा करते रहते हैं और जेडीयू ने बकायदा पटना में इसका पोस्टर भी लगा दिया था। नीतीश कुमार के इंडिया के संयोजक पद ठुकराने को इसी नजर से देखा जा रहा है।
वहीं ममता बनर्जी की पार्टी त्रिणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे के नाम को पीएम फेस के लिए आगे बढ़ाया है। हालांकि ममता बनर्जी इडी गठबंधन की सुत्रधार भी हैं लेकिन उनकी पार्टी ममता बनर्जी को पीएम कंडिडेट बता रही है। वहीं शरद पवार का कहना है कि गठबंधन बिना चेहरे के चुनाव मैदान में उतरेगा।
मल्लिका अर्जुन खड़गे का पीएम कंडिडेट के तौर पर नाम आगे बढ़ाया गया है लेकिन इसे लेकर खुद कांग्रेस में ही संशय की स्थिति है। कांग्रेस राहुल गांधी के चेहरे पर चुनाव लड़ना चाहती है। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक इसका प्रस्ताव गठबंधन में नहीं रखा है लेकिन पार्टी 2019 का चुनाव राहुल गांधी के चेहर पर लड़ चुकी है। 2019 में मोदी बनाम राहुल गांधी का कैंपेन चलाया गया। राहुल गांधी ने अपनी रैलियों में सीधे पीएम मोदी पर अटैक किया। पीएम मोदी बनाम राहुल गाधी में कांग्रेस को बड़ी हार का मुंह देखना पड़ा। लेकिन तब वो दौर था जब कांग्रेस अपने आपको राष्ट्रीय राजनीति में अकेले विकल्प के तौर पर देखती थी। लेकिन आज 26 पार्टियों से गठबंधन कर सत्ता तक पहुंचने की कोशिश जारी है। जिसका अभी तक ना ही संयोजक है और ना ही कोई चेहरा। ऐसे में राहुल यात्रा पर निकल गये हैं। जो गठबंधन को एक संदेश है कि राष्ट्रीय स्तर पर अगर कोई काम कर रहा है तो वो हैं राहुल गांधी यानि राहुल ही मोदी को चुनौती दे सकते हैं। कांग्रेस राहुल को प्रोजेक्ट तो कर रही है लेकिन बाहर, शायद उसे इंतजार है कि गठबंधन के सदस्य राहुल गांधी का नाम आगे बढ़ाए।
खैर चुनाव में अब केवल 3 महीने ही बचे हैं, पीएम मोदी के चेहरे के सामने विपक्ष किसे खड़ा करता है या फिर बिना चेहरे के ही विपक्ष चुनाव लड़ता है और अगर चेहरा लाता है तो वो कौन होगा जो पीएम मोदी के सामने खड़ा हो सके, ये एक बड़ा सवाल है मोदी V/S विपक्ष में कौन?।
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