
नई दिल्ली। आज देश की पांच विभूतियों को भारत सरकार उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत रत्न से सम्मानित करेगी। सम्मानित होने वालों में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पी.वी. नरसिम्हा राव, कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का नाम शामिल है। इनमें से सिर्फ आडवाणी को छोड़कर बाकी सभी को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।
भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन में होगा। जानकारी के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के स्वास्थ्य के चलते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अगले दिन उनके आवास पर जाकर उन्हें सम्मानित करेंगीं।
बता दें कि भारत रत्न देश का सर्वोच्च सम्मान होता है। साल 2020 से 2023 तक किसी को भी भारत रत्न नहीं दिया गया था। इस साल सरकार ने 5 हस्तियों को इस सम्मान के लिए चुना है। सम्मान समारोह के मद्देनजर शनिवार को राष्ट्रपति भवन में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी नहीं होगी।
किन्हें दिया जाता है भारत रत्न
देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल आदि किसी भी क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है, जिससे देश का गौरव बढ़ा हो। साल 2011 से पहले भारत रत्न का सम्मान सिर्फ कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा क्षेत्र में अतुलनीय योगदान को देखते हुए दिया जाता था, लेकिन 2011 में इसमें संशोधन किया गया। अब इसके लिए कोई क्षेत्र निर्धारित नहीं है।
देश में भारत रत्न पाने वाले व्यक्ति को कोई राशि नहीं दी जाती, लेकिन उसे राज्य अतिथि का सम्मान दिया जाता है। वो जिस राज्य में भी जाता है, वहां राज्य अतिथि के तौर पर उनका स्वागत किया जाता है और परिवहन, बोर्डिंग और राज्य में ठहरने की सुविधा दी जाती है। ऐसे व्यक्ति विशेष को अहम सरकारी कार्यकर्मों में शामिल होने का निमंत्रण भारत सरकार की ओर से दिया जाता है। नियमानुसार विस्तारित सुरक्षा मिलती है और सरकार उन्हें वॉरंट ऑफ प्रेसिडेंस में जगह देती है।
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