
डेस्क रिपोर्टर
News World Desk
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 16,764 नए मामले आए है, वहीं सक्रिय मामले 91361 हो गए है। एम्स के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि, ओमिक्रॉन फेफड़ों के बजाय ऊपरी श्वसन पथ और अधिक वायुमार्ग को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने होम आइसोलेशन पर जोर देने की बात भी कही है। उनका मानना है कि ओमिक्रॉन संक्रमित मरीज जल्दी रिकवर हो रहें है।
लंग्स को ज्यादा प्रभावित नहीं करता ओमिक्रॉन
डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि ओमिक्रॉन लंग्स को ज्यादा प्रभावित नहीं करता जिस तरह कोरोना के डेल्टा वैरिएं ने दूसरी लहर के समय किया था। इसी लिए बहुत कम ही मरीजों में ऑक्सीजन की समस्या अभी तक देखी गई है। उन्होंने बताया कि यदि किसी को बुखार, नाक बहना, गले मे खराश, सरदर्द या बहुत तेज शरीर दर्द हो रहा है तो उन्हें तुरंत कोरोना की जांच करवानी चाहिए। जिससे कि संक्रमण और लोगों में न फैले।
ओमिक्रॉन में ऑक्सीजन लेवल कम गिरता है
शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जीनोमिक सिक्वेंसिंग के माध्यम से देश में ओमिक्रॉन के 1,270 मामलों की पहचान हुई है, जिनमें से 374 पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। डॉ. गुलेरिया ने जोर देकर कहा कि अस्पताल के बिस्तर उन लोगों के लिए मुफ्त छोड़े जाने चाहिए जो गंभीर बीमारी की चपेट में हैं। उन्होंने कहा, घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह समझना जरूरी है कि डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन में ऑक्सीजन लेवल कम गिरता है। ऐसे में जिन लोगों को किसी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं है उनका फोकस होम आइसोलेशन पर होना चाहिए, न कि घबराकर अस्पताओं में बिस्तर बुक करवाएं। आंकड़े बता रहे है कि, ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज तेजी से रिकवर हो रहे रहे।
सुविधाओं के मामले में बेहतर तरीके से तैयार
डॉ. गुलेरिया ने यह भी कहा की, नए साल की शुरुआत में देश काफी बेहतर स्थिति में है। क्योंकि लोगों ने अपनी इम्युनिटी पर ध्यान दिया है और करीबन 60% लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। उन्होंने कहा, महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, हम नए मामलों में उछाल देख रहे हैं। इसलिए यह और अधिक सतर्क रहने का समय है। हम ओमिक्रॉन के रूप में एक नया संस्करण देख रहे हैं, लेकिन हम पिछले साल की तुलना में नए साल की शुरुआत में काफी बेहतर स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, हम सुविधाओं के मामले में भी बेहतर तरीके से तैयार हैं। चाहे वह मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट हों, आईसीयू बेड हों या वेंटिलेटर। इसलिए तैयारी और इम्युनिटी के मामले में हम बेहतर स्थिति में हैं।
कोविड-उपयुक्त व्यवहार करें
डॉ. गुलेरिया ने कहा, ओमिक्रॉन से लड़ने के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार सबसे शक्तिशाली उपकरण होगा। इसलिए, जब आप बाहर जा रहे हों तो अपना मास्क ठीक से पहने, शारीरिक दूरी बनाए रखे और हाथ धोना महत्वपूर्ण है।
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