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हिंदू महासभा का एलान, मथुरा ईदगाह पर करेंगे जलाभिषेक और श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापित

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हिंदू महासभा का एलान, मथुरा ईदगाह पर करेंगे जलाभिषेक और श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापित
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डेस्क रिपोर्टर

नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। अखिल भारत हिंदू महासभा (Akhil Bhartiy Hindu Mahasabha) ने घोषणा की है कि वह मथुरा में 6 दिसंबर को ईदगाह के अंदर जहां जेल के उस हिस्से पर 'महा जल अभिषेक' कर जगह को शुद्ध भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति स्थापित करेगी जिस स्थान पर श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस बात की जानकारी हिन्दी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी ने दी है। उन्होंने बताया कि, देश की विभिन्न नदियों से जल लेकर मथुरा पहुंचेंगे। इस जल से श्रीकृष्ण का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में पूरे देशभर के लोग इकट्ठा होंगे।


बाबरी विध्वंस के दिन आयोजन
1992 में हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के दिन हिंदू महासभा कार्यक्रम करने जा रही है। हालांकि हिंदू महासभा के राज्यश्री चौधरी का कहना है कि 1992 की घटना को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने का कोई उद्वेश्य नही है। 6 दिसंबर बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी उसी दिन विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल शौर्य दिवस के रूप में मनाते है। आयोजन को लेकर कई तरह के सवाल खडे़ हो रहें हैं।

पवित्र नदियों के पानी से होगा अभिषेक
हिंदू महासभा के पदाधिकारी देशभर की नदियों का जल लेकर मथुरा पहुंचेंगे। विभिन्न नदियों के जल से भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक होगा। हिंदू महासभा के राज्यश्री चौधरी ने बताया कि 12 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई है। इस आयोजन का  मकसद सांस्कृतिक, आध्यात्मिक  वैभवशाली परंपराओं को वापस लाना हैं। हमें अभी राजनीतिक आजादी प्राप्त हुई है, लेकिन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता अभी नही मिली। चौधरी ने कहा कि ये मस्जिद नही ईदगाह है, मतलब कि सार्वजनिक स्थल है तो फिर ये विवादित कैसे हो सकता? 

मामला अभी अदालत में
मथुरा में 13.37 एकड़ की श्रीकृष्ण जन्मभूमि की जमीन पर लंबे समय से मालिकाना हक को लेकर विवाद चला आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मुगल शासक औरंगजेब के शासन में मंदिर के समीप ईदगाह मस्जिद का निमार्ण कराया गया था। इस मामले को लेकर मथुरा के सिविल न्यायालय में याचिका दायर की गई है, जिसमें की मालिकाना हक की मांग की गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदगाह प्रबंध समिति के बीच पांच दशक पूर्व हुए समझौते को अवैध बताते हुए उसे निरस्त करने और मस्जिद को वहां से हटाकर पूरी जमीन श्रीकृष्ण जन्म भूमि ट्रस्ट को सौंपने की मांग की है।

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