
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम को लेकर दिल्ली में चल रही सियासी हलचल के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम का ऐलान फिलहाल टाल दिया गया है। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विशाखापट्टनम में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक के बाद टीम की घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा और संघ के बीच संगठनात्मक बदलावों को लेकर अंतिम स्तर पर मंथन चल रहा है। यही वजह है कि टीम की घोषणा में कुछ और समय लग सकता है। नई टीम में क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ संगठन में अनुभव और सक्रियता को भी प्रमुख आधार बनाए जाने की चर्चा है।
विशाखापट्टनम बैठक पर टिकी नजर
संघ की विशाखापट्टनम बैठक को भाजपा के संगठनात्मक बदलावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में नितिन नवीन और भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष के मौजूद रहने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, इसी बैठक में संगठन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हो सकता है। इसके बाद भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम के नामों पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है।
मध्यप्रदेश से गजेंद्र पटेल और कविता पाटीदार के नाम चर्चा में
नई राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश को भी प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, मध्यप्रदेश से गजेंद्र पटेल और कविता पाटीदार के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। यदि इन नामों को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी मिलती है, तो मध्यप्रदेश का भाजपा के केंद्रीय संगठन में प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा।
उत्तरप्रदेश से हरीश द्विवेदी और संगीता यादव
उत्तरप्रदेश से भी संगठन में नए चेहरों को जगह मिलने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, हरीश द्विवेदी और संगीता यादव के नाम संभावित सूची में शामिल हैं। भाजपा के लिए उत्तरप्रदेश संगठनात्मक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। ऐसे में नई टीम में राज्य को मिलने वाला प्रतिनिधित्व खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली से वीरेंद्र सचदेवा का नाम लगभग तय!
राजधानी दिल्ली से वीरेंद्र सचदेवा का नाम लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
तरुण चुग और सुनील बंसल बने रहेंगे राष्ट्रीय महासचिव
वहीं, संगठन में निरंतरता का संकेत देते हुए तरुण चुग और सुनील बंसल के राष्ट्रीय महासचिव पद पर बने रहने की संभावना है। दोनों नेताओं को संगठन के स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने का अनुभव है। ऐसे में नई टीम में पुराने और अनुभवी चेहरों को बनाए रखने के साथ नए चेहरों को जगह देने का संतुलन साधने की कोशिश दिखाई दे रही है।
विनोद तावड़े की नजर मोदी कैबिनेट पर?
भाजपा संगठन में बदलाव के बीच विनोद तावड़े को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, तावड़े की नजर मोदी कैबिनेट में शामिल होने पर है और इसके लिए कोशिशें चल रही हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तावड़े भाजपा संगठन में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की रणनीति में उनका प्रभाव माना जाता है।
ऐलान में देरी क्यों?
भाजपा की नई टीम का ऐलान टलने को महज प्रशासनिक देरी के तौर पर नहीं देखा जा रहा। सूत्रों के मुताबिक, संगठन में नियुक्तियों से पहले संघ के साथ व्यापक समन्वय और संभावित नामों पर अंतिम विचार-विमर्श किया जा रहा है। अब निगाहें विशाखापट्टनम में होने वाली संघ की बैठक पर हैं। माना जा रहा है कि बैठक के बाद भाजपा की राष्ट्रीय टीम की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
हालांकि, इन संभावित नियुक्तियों को लेकर भाजपा या संघ की ओर से फिलहाल कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतिम स्थिति पार्टी के औपचारिक ऐलान के बाद ही स्पष्ट होगी।
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