शुक्रवार, 01 मई 2026
Logo
National

सेना का साफ संदेश - किसी भी हाल में वापस नहीं होगी अग्निपथ योजना

अभी-अभी0 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सेना का साफ संदेश - किसी भी हाल में वापस नहीं होगी अग्निपथ योजना

सेना का साफ संदेश - किसी भी हाल में वापस नहीं होगी अग्निपथ योजना

N
डेस्क रिपोर्टर
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। भारत सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर देश भर में उत्पात मचा हुआ है। इस योजना के खिलाफ युवा प्रदर्शन कर रहें है। इस बीच इस विरोध को देखते हुए सेना ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई, जिसमे सेना ने साफ संदेश दे दिया है कि, अग्निपथ स्कीम किसी भी हालत में वापस नहीं होगी और यदि तोड़फोड़ या आगजनी करने पर किसी युवा पर FIR हुई तो उन्हें सेना में भर्ती होने का मौका भी नहीं मिलेगा।


अग्निपथ योजना पर सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा की, सेना में भर्ती होने के लिए सबसे पहली जरूरत अनुशासन की होती है, इसलिए युवाओं को शांत होकर योजना को समझना चाहिए। सेना ने कहा कि कोचिंग संस्थान छात्रों को भड़का और उकसा रहे हैं। अनिल पुरी ने कहा कि सेना में जाने वाले उम्मीदवारों को हिंसा और प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेना चाहिए।


तीनों सेनाओं की तरफ से हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस योजना के फायदों के बारे में बताया गया। लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा की, रूटीन प्रक्रिया बंद हो जाएगी अब सिर्फ अग्निपथ के जरिए भी तीनों सेनाओं में भर्ती होगी। जनरल अरुण पुरी ने कहा कि ‘अग्निवर’ को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती है। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।


एक करोड़ रुपये का मिलेगा मुआवजा

सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अरुण पुरी ने कहा कि देश की सेवा में बलिदान देने वाले अग्निवीरों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा।


सुविधाएं नियमित सैनिकों जैसी मिलेंगी

'अग्निवीर' को सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में वही भत्ता और सुविधाएं मिलेंगी जो वर्तमान में नियमित सैनिकों पर लागू होती हैं। सेवा शर्तों में उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।


थलसेना में 1 जुलाई से भर्ती प्रक्रिया शुरू

विरोध प्रदर्शन के बीच सेना ने प्रेस कांफ्रेंस में तीनों सेनाओं भर्ती प्रक्रिया के लिए तारीखों का एलान कर दिया है। थलसेना ने कहा है कि उसकी भर्ती प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हो जाएगी।


24 जून को वायुसेना में पहले बैच के लिए प्रक्रिया शुरू

एयर मार्शल एसके झा ने कहा कि भारतीय वायुसेना में 24 जून से अग्निवीरों के पहले बैच को लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 


25 जून को नौसेना जारी करेगी नोटिफिकेशन

नौसेना के वाइस एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने कहा कि हमने अपनी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 25 जून तक हमारी एडवरटाइजमेंट सूचना और प्रसारण मंत्रालय में पहुंच जाएगा। एक महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 21 नवंबर को हमारे पहले अग्निवीर हमारे ट्रेनिंग संस्थान में रिपोर्ट करेंगे। 


एफआईआर हुई तो नहीं मिलेगा मौका

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने कहा कि अग्निवीर बनने के लिए आवेदन करने वाला प्रत्येक उम्मीदवार एक प्रमाण-पत्र देगा कि वह विरोध, आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा का हिस्सा नहीं था। पुलिस सत्यापन 100 प्रतिशत है, उसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है।


फिर देनी होगी मेडिकल परीक्षा

सेना ने साफ किया है कि दो साल पहले नियमित सेना में भर्ती के लिए मेडिकल परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा मेडिकल परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। 


'अग्निवीरों' के लिए उम्र सीमा में तीन साल की छूट

गुरुवार को केंद्री गृहमंत्रालय ने अग्निवीरों को उम्र सीमा में तीन साल की छूट देने की घोषणा की। उम्र सीमा 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दी। मंत्रालय ने ट्वीट में घोषणा की कि अग्निवीरों के पहले बैच के लिए उम्र सीमा में छूट पांच साल की होगी।


महत्वपूर्ण पॉइंट्स

  1. वायुसेना 24 जून को, नौसेना 25 जून को और थल सेना 1 जुलाई को नोटिफिकेशन जारी करेगी। 
  2. दिसंबर में जॉइन करेगा 25 हजार अग्निवीरों का बैच।
  3. दूसरा बैच फरवरी 2023 में जॉइन करेगा।
  4. मौजूदा साल में अग्निवीर की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 कर दी गई है।
  5. प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वाले नहीं बन पाएंगे अग्निवीर।
  6. अग्निवीरों के शहीद होने पर एक करोड़ रुपए आश्रितों को मिलेंगे।
  7. तीनों सेनाओं में 5 साल में सवा लाख अग्निवीर होंगे तैयार।
  8. अग्निवीरों का अलाउंस आम सैनिकों से ज्यादा होंगे।
  9. अग्निवीरों को रिटायरमेंट के बाद सस्ता लोन दिया जाएगा और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें