गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
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असदुद्दीन ओवैसी ने किया हाई कोर्ट के फैसले का विरोध, बोले - एक धर्म को निशाना बनाया गया

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असदुद्दीन ओवैसी ने किया हाई कोर्ट के फैसले का विरोध, बोले - एक धर्म को निशाना बनाया गया

असदुद्दीन ओवैसी ने किया हाई कोर्ट के फैसले का विरोध, बोले - एक धर्म को निशाना बनाया गया

News World Desk
डेस्क रिपोर्टर
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नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। कर्नाटक हाई कोर्ट ने हिजाब विवाद को लेकर आज बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि, हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर मुस्लिम छात्रों द्वारा मांगी इजाजत वाली याचिका को भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। उधर अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने हाई कोर्ट के फैसले का विरोध किया और मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाने की बात कही है। 


हाई कोर्ट के फैसले के विरोध करते हुए ओवैसी ने ट्विटर कर लिखा, मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं और यह मेरा हक है। मुझे उम्मीद है कि याचिकाकर्ता इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। उन्होंने आगे लिखा, 'इस आदेश ने धर्म, संस्कृति, भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया है, जबकि संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है कि व्यक्ति को विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था और पूजा की स्वतंत्रता है।

ओवैसी ने कहा, हिजाब पर प्रतिबंध निश्चित रूप से धर्मनिष्ठ मुस्लिम महिलाओं को शिक्षा प्राप्त करने से रोकता है। इसका मतलब है कि एक धर्म को निशाना बनाया गया है और उसकी धार्मिक प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अनुच्छेद 15 धर्म के आधार पर भेदभाव पर रोक लगाता है।

ओवैसी ने आगे लिखा कि, संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है कि, व्यक्ति को विचार,अभिव्यक्ति, विश्वास, आस्था का अधिकार है। अगर मेरा यह विश्वास है कि मेरे लिए सिर को ढंकना आवश्यक है तो मुझे इसे व्यक्त करने का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि, एक धर्मनिष्ठ मुसलमान के लिए हिजाब इबादत का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, 'राज्य को धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप करने की अनुमति केवल तभी दी जानी चाहिए, जब इस तरह के पूजा कार्य दूसरों को नुकसान पहुंचाते हो। हिजाब किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता।

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