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विश्व गैस समिट में डॉ. राजीव मिश्रा ने बताया भारत कैसे कर सकता है ऊर्जा आत्मनिर्भरता व हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में विश्व का नेतृत्व…

26 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
विश्व गैस समिट में डॉ. राजीव मिश्रा ने बताया भारत कैसे कर सकता है ऊर्जा आत्मनिर्भरता व हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में विश्व का नेतृत्व…
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

ग्रेटर नोएडा। एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 4वें गैस इंडिया एक्सपो-2026 के तहत 23 से 25 जुलाई तक आयोजित विश्व गैस समिट में IFEVA ग्रीन एनर्जी फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा ने विशेषज्ञों के समक्ष अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि गैस इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, नवाचार और सतत विकास के समन्वय से ही भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता व हरित अर्थव्यवस्था की दिशा में विश्व का नेतृत्व कर सकता है।


विश्व गैस समिट में उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और ऊर्जा विशेषज्ञों की उपस्थिति रही। इसमें प्राकृतिक गैस, एलएनजी, हाइड्रोजन, औद्योगिक गैसों एवं गैस प्रौद्योगिकी पर आधारित इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में 100 से अधिक प्रदर्शकों तथा 5,000 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापारिक आगंतुकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रवीर कुमार अग्रवाल, चेयरमैन, सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, गेल इंडिया लिमिटेड ने किया। 


इस अवसर पर इंडियन एग्जीबिशन सर्विसेज के सीईओ डॉ. स्वदेश कुमार, सीनियर एडवाइजर एनके सहगल, पावर 100 के चेयरमैन सुधांशु चंद्रा सहित देश-विदेश के अनेक उद्योग विशेषज्ञ, वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इंडियन एग्जीबिशन सर्विसेज और इंडियन ट्रेड फेयर अकादमी की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इंटरनेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री व IFEVA का सहयोग रहा। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का समर्थन मिला। 


समिट में डॉ. राजीव मिश्रा की ओर से कहीं गई मुख्य बातें


. प्राकृतिक गैस, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकृत विकास ही भारत को वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा महाशक्ति बना सकता है। उद्योग, सरकार, अनुसंधान संस्थानों और निवेशकों के बीच मजबूत साझेदारी, आधुनिक अवसंरचना तथा तकनीकी नवाचार को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।


. भारत एक ऐसे परिवर्तनकारी दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ गैस इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीक मिलकर भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था का निर्माण करेंगे। यदि सरकार, उद्योग और अनुसंधान संस्थान मिलकर कार्य करें, तो भारत न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व नेतृत्व भी स्थापित करेगा।


समिट में इन्होंने भी साझा किए अपने विचार 

समिट में डॉ. आलोक शर्मा (हाइड्रोजन एसोसिएशन ऑफ इंडिया), मोहित भाटिया (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड), डॉ. उमेश श्रीवास्तव (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड), लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष आहूजा (पंजाब रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम्स), सी. प्रभाकर चक्रवर्ती, सतीश सिंह और प्रकाश रॉय सहित अनेक विशेषज्ञों ने भी भारत के गैस एवं स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य पर अपने विचार साझा किए।


आधुनिक तकनीकों व उत्पादों का किया गया प्रदर्शन

प्रदर्शनी में सीएनजी, पीएनजी, एलएनजी, हाइड्रोजन, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोगैस, बायो-सीएनजी, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, औद्योगिक गैसें, क्रायोजेनिक तकनीक, गैस उपकरण, स्टोरेज एवं ट्रांसपोर्टेशन, सुरक्षा प्रणालियों सहित अनेक आधुनिक तकनीकों व उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। यह आयोजन उद्योग जगत के लिए तकनीकी आदान-प्रदान, निवेश, व्यापारिक साझेदारी और नए अवसरों का महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।


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