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1 अगस्त से लागू हुए 5 बड़े बदलाव, सस्ता हुआ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, तत्काल टिकट और CKYC नियम बदले

01 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
1 अगस्त से लागू हुए 5 बड़े बदलाव, सस्ता हुआ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, तत्काल टिकट और CKYC नियम बदले
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। देशभर में 1 अगस्त 2026 से कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका असर आम लोगों, कारोबारियों और बैंक ग्राहकों पर दिखाई देगा। इनमें कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती, रेलवे के तत्काल टिकट सिस्टम में बदलाव, CKYC 2.0 की शुरुआत और बैंकिंग नियमों में संशोधन शामिल हैं।


इसके अलावा 3 से 5 अगस्त तक होने वाली रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक पर भी लोगों की नजर रहेगी। इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले भविष्य में EMI, FD और लोन से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकते हैं।


LPG कॉमर्शियल सिलेंडर हुआ सस्ता

तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में औसतन ₹180 तक की कटौती की है। घरेलू 14 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।


प्रमुख शहरों में नई कीमतें:

दिल्ली: ₹2738 (पहले ₹2930) — ₹192 की कमी

कोलकाता: ₹2872.50 (पहले ₹3081.50) — ₹209 की कमी

मुंबई: ₹2691.50 (पहले ₹2885.50) — ₹194 की कमी

चेन्नई: ₹2906 (पहले ₹3106) — ₹200 की कमी


इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की लागत कम हो सकती है। इसका लाभ ग्राहकों को खाने-पीने की कीमतों में राहत के रूप में मिल सकता है।


तत्काल टिकट के लिए लागू हुआ नया टोकन सिस्टम

रेलवे ने 1 अगस्त से PRS रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए टोकन आधारित व्यवस्था शुरू की है। अब यात्रियों को पहले टोकन लेना होगा। टोकन मिलने के बाद तय समय पर काउंटर पहुंचकर टिकट बुक कराया जा सकेगा। इस बदलाव का उद्देश्य भीड़ कम करना और काउंटर पर प्रतीक्षा समय घटाना है।


RBI की बैठक पर रहेगी नजर

रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त तक चलेगी और 5 अगस्त को फैसलों की घोषणा की जाएगी। फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। फिर भी यदि कोई निर्णय लिया जाता है तो उसका असर आने वाले समय में लोन की EMI, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रिटर्न और नए लोन पर पड़ सकता है।


CKYC 2.0 से KYC प्रक्रिया होगी आसान

सरकार ने CKYC 2.0 का अपग्रेडेड सिस्टम लागू करना शुरू किया है। अब बैंक खाता खुलवाने, बीमा लेने या म्यूचुअल फंड एवं शेयर बाजार में निवेश करने के दौरान ग्राहक की अनुमति मिलने पर संस्थान एक ही सरकारी डेटाबेस से KYC जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। नए सिस्टम में डेटा की सटीकता और सुरक्षा को बेहतर बनाया गया है। इससे ग्राहकों को हर नई संस्था में बार-बार पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही डेटा सुरक्षा मजबूत होने और धोखाधड़ी पर नियंत्रण की उम्मीद है।


क्रेडिट कार्ड बिलिंग के नियमों में संशोधन

रिजर्व बैंक ने क्रेडिट कार्ड बिलिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बदलाव किया है। यदि कोई ग्राहक पूरा क्रेडिट कार्ड बिल नहीं चुका पाता है, तो शेष बकाया पर ब्याज की गणना करते समय सुविधा शुल्क, पेनल्टी और टैक्स को बकाया राशि में शामिल नहीं किया जाएगा। इस बदलाव से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जो पूरी राशि का भुगतान नहीं कर पाते और बाकी रकम अगले बिलिंग चक्र तक आगे बढ़ाते हैं। साथ ही बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और छिपे हुए शुल्क पर नियंत्रण की भी उम्मीद है।

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