बुधवार, 26 अगस्त 2026
Logo
National

AVPN कॉन्फ्रेंस में डॉ. प्रीति अदाणी का बड़ा संदेश, ₹60,000 करोड़ की सामाजिक प्रतिबद्धता से जुड़ीं कई अहम पहल

26 अग, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
AVPN कॉन्फ्रेंस में डॉ. प्रीति अदाणी का बड़ा संदेश, ₹60,000 करोड़ की सामाजिक प्रतिबद्धता से जुड़ीं कई अहम पहल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली में आयोजित AVPN ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2026 के दौरान अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी ने सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए समुदायों को मजबूत बनाने और प्रभावी साझेदारियां विकसित करने पर जोर दिया। सम्मेलन में करीब 2,000 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।


भारत मंडपम में अदाणी फाउंडेशन ने सम्मेलन में शामिल डेलीगेट्स के लिए वेलकम डिनर आयोजित किया। एशिया के सबसे बड़े सोशल इम्पैक्ट प्लेटफॉर्म AVPN की 13वीं ग्लोबल कॉन्फ्रेंस पहली बार भारत में हो रही है और इसका आयोजन 25-26 अगस्त 2026 को किया जा रहा है।


सामाजिक बदलाव के लिए साझेदारी पर जोर

डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि मौजूदा दौर में सामाजिक चुनौतियां अधिक जटिल हो रही हैं। ऐसे में अलग-अलग संगठनों और सामाजिक नेतृत्व से जुड़े लोगों के अनुभव साझा करना, सफल मॉडलों से सीखना और मजबूत साझेदारियां बनाना जरूरी है।


उन्होंने भारत में दुनिया भर से आए मानवतावादी और सोशल लीडर्स का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और एशिया को वैश्विक स्तर पर विकास तथा अवसरों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।


डॉ. प्रीति अदाणी के अनुसार, अदाणी फाउंडेशन की तीन दशक लंबी यात्रा का एक प्रमुख निष्कर्ष यह है कि स्थायी सामाजिक परिवर्तन तब अधिक प्रभावी होता है, जब समुदायों को अपने भविष्य के फैसले लेने और उसे आकार देने की क्षमता मिले।


43 बाजारों से जुड़े हैं 700 से अधिक प्रतिनिधि

AVPN के प्लेटफॉर्म पर एशिया के 43 बाजारों से 700 से अधिक रिसोर्स प्रोवाइडर्स, इनोवेटर्स और प्रतिनिधि सामाजिक प्रभाव से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आते हैं।


नई दिल्ली में हो रही कॉन्फ्रेंस में लगभग 2,000 सोशल लीडर्स, कॉरपोरेट प्रतिनिधि, पॉलिसी मेकर्स और इम्पैक्ट लीडर्स भाग ले रहे हैं।


अदाणी फाउंडेशन के 30 साल पूरे

AVPN सम्मेलन के साथ अदाणी फाउंडेशन के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण है। फाउंडेशन की स्थापना 11 अगस्त 1996 को हुई थी और 2026 में भारत में उसके काम के 30 वर्ष पूरे हो रहे हैं।


तीन दशकों में फाउंडेशन ने अपने कार्यक्रमों का विस्तार कई सामाजिक क्षेत्रों में किया है। इसके काम में शामिल हैं—


- शिक्षा और उच्च शिक्षा

- स्वास्थ्य सेवा

- स्किलिंग और आजीविका

- दिव्यांगजनों का समावेशन

- सामुदायिक बुनियादी ढांचा

- खेल

- जमीनी स्तर पर जलवायु कार्रवाई


फाउंडेशन की पहुंच अब 22 राज्यों के 7,200 से अधिक गांवों तक बताई गई है। इन पहलों से 1.3 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने का दावा किया गया है।


स्वास्थ्य, स्किल और उच्च शिक्षा के लिए ₹60,000 करोड़ की प्रतिबद्धता

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के नेतृत्व में अदाणी फाउंडेशन ने स्वास्थ्य सेवा, स्किलिंग और उच्च शिक्षा के लिए ₹60,000 करोड़, यानी करीब 7 अरब डॉलर, की प्रतिबद्धता जताई है।


इस योजना में ‘अदाणी हेल्थ सिटीज’ प्रमुख पहल है। इन्हें एकीकृत स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसमें—


- 1,000 बेड वाले अस्पताल

- रिसर्च सुविधाएं

- मेडिकल कॉलेज


शामिल होंगे।


अदाणी हेल्थ सिटीज का पहला चरण मुंबई और अहमदाबाद में तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा बिहार के पीरपैंती में 200 बेड का अस्पताल स्थापित करने की योजना है।


आई केयर और स्किलिंग पर भी निवेश

फाउंडेशन की प्रतिबद्धता स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है। इसमें आई केयर, व्यावसायिक प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के क्षेत्र भी शामिल हैं।


इन पहलों में ऑप्थैल्मोलॉजी ट्रेनिंग, कर्म शिक्षा, अदाणी सक्षम और अहमदाबाद स्थित अदाणी यूनिवर्सिटी का काम शामिल है।


महिला उद्यमिता के क्षेत्र में फाउंडेशन का कार्यक्रम देशभर में 10 लाख से अधिक महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रहा है।


हांगकांग से शुरू हुई चर्चा को नई दिल्ली में आगे बढ़ाया

AVPN ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2025 में हांगकांग में हुई चर्चा को भी इस पहल से जोड़ा गया है। उस दौरान डॉ. प्रीति अदाणी ने एशिया में मानवीय कार्यों से जुड़े अनुभवों को एक-दूसरे से जोड़ने के लिए ‘यूनिफाइड कोलैबोरेशन प्लेटफॉर्म’ की जरूरत बताई थी।


नई दिल्ली में उन्होंने इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए सफल सामाजिक पहलों से सीखने और उनके प्रभाव को व्यापक स्तर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बात की।


भारत के अनुभवों को वैश्विक मंच से जोड़ने का अवसर

अदाणी फाउंडेशन के लिए AVPN के साथ साझेदारी का उद्देश्य भारत में तीन दशकों के जमीनी अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करना और एशिया के दूसरे हिस्सों में किए जा रहे प्रभावी सामाजिक कार्यों से सीखना भी है।


विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के संदर्भ में डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि देश की प्रगति का अंतिम लक्ष्य लोगों और समुदायों के लिए नए अवसर पैदा करना होना चाहिए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें