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अयोध्या जमीन से आसमान तक बना अभेद्य किला, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, 7 लेयर की होंगी सुरक्षा, चेहरे की पहचानने वाले AI कैमरे लगे

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अयोध्या जमीन से आसमान तक बना अभेद्य किला, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, 7 लेयर की होंगी सुरक्षा, चेहरे की पहचा वाले AI कैमरे लगे

अयोध्या जमीन से आसमान तक बना अभेद्य किला, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, 7 लेयर की होंगी सुरक्षा, चेहरे की पहचा वाले AI कैमरे लगे

Ankit Khare
डेस्क रिपोर्टर
Ankit Khare

अयोध्या। 22 जनवरी का दिन इतिहास में दर्ज हो जाएगा। हर हिंदु इस दिन का सालों से इंतजार कर रहा था जो कि अब खत्म होने जा रहा है। रामलला अपने भव्य मंदिर में जल्द ही विराजमान हो जाएंगे। इसके साथ ही अयोध्या में बनने जा रहे हैं राम मंदिर पर कई अनैतिक लोगों की निगाहें भी हैं, जिसको रोकने के लिए सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 10000 सीसीटीवी कैमरों से पूरे अयोध्या की निगरानी की जा रही है। कोट-पैंट पहने यूपी पुलिस के जवान चेहरों का रिकॉर्ड रखने वाले एआई कैमरे एक तरफ समारोह के लिए आने वाले अतिथियों के स्वागत का इंतजाम हो रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर अयोध्या नगरी की किलेबंदी हो रही है।


अयोध्या 21-22 जनवरी को आम जनता के लिए बंद रहेगी। 22 जनवरी को बिना निमंत्रण वाले लोगों को भारी परेशानी हो सकती है। सुरक्षा में सीआरपीएफ से लेकर यूपी पुलिस की तैनाती की गई है। भारी वाहनों की आवाजाही पर इस दिन रोक रहेगी। पूरे शहर में 10000 सीसीटीवी कैमरे हर हलचल पर नजर रखेंगे। पहली बार यहां चेहरे की पहचान करने वाले एआई कैमरे लगाए गए हैं। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देश की कई बड़ी मशहूर हस्तियां जुटेंगी। इसलिए जमीन ही नहीं आसमान से भी मुस्तैदी रखी जाएगी।


इस अवसर पर अयोध्या में लगभग 13 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों का अभेद सुरक्षा घेरा होगा। यूपी एटीएस के कमांडो और जवानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एंटी ड्रोन सिस्टम के जरिए उसे और पुख्ता बनाया गया है। इसके लिए एटीएस का एक बड़ा जत्था राम नगरी पहुंच चुका है। आधुनिक हथियारों से लैस कमांडो बुलेट प्रूफ मार्क्समैन गाड़ियों के जरिए निगरानी कर रहे हैं। जमीन से लेकर आसमान और सरयू नदी के तटों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आईबी और रॉ के अधिकारियों ने भी अयोध्या में डेरा डाल रखा है।


कई स्तर पर सुरक्षा बंदोबस्त की समीक्षा की जा ही है। ओएफसी लिंक कैमरे भी लगाए गए हैं। 12 एंटी ड्रोन सिस्टम के माध्यम से रेड और येलो जोन को सुरक्षित किया गया है। पांच किलोमीटर के दायरे में उड़ने वाले ड्रोन को लोकेट कर निष्क्रिय किया जा सकता है। हर आने वाला पुलिस की चौकस निगाहों में रहेगा।

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