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आज हुआ था हिंदू हृदय सम्राट बाल ठाकरे का निधन, जाने उनके जीवन के बारें में

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आज हुआ था हिंदू हृदय सम्राट बाल ठाकरे का निधन, जाने उनके जीवन के बारें में
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डेस्क रिपोर्टर
मुंबई,न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। आज ही के दिन साल 2012 में शिवसेना के संस्थापक बालासाहब ठाकरे का निधन हुआ था। बालासाहेब की पूण्यतिथि के दिन उनके चाहने वाले हर साल मुंबई के शिवाजी पार्क स्थित बाला साहेब ठाकरे मेमोरियल में जमा होते हैं। सिर्फ मुंबई या महाराष्ट्र के लोग ही नही बल्कि पूरे देशभर से लोग यहां पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आते हैं। बालासाहब का जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे के एक मराठी परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम बाल केशव ठाकरे था। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत बतौर कार्टूनिस्ट के रूप में की थी।

कार्टूनिस्ट थे बाला साहेब ठाकरे
बाला साहब ठाकरे ने अपने करियर की शुरूआत कार्टूनिस्ट के तौर पर अंग्रेजी के समाचार पत्र ‘द फ्री प्रेस जर्नल‘ के साथ की। साल 1960 में कार्टूनिस्ट की नौकरी छोड़कर वो अपना खुद का साप्ताहिक समाचार पत्र मार्मिक निकालने लगे। मार्मिक समाचार पत्र के माध्यम से उन्होने मराठीयों को संगठित करने का काम किया और गैर मराठियों के खिलाफ अभियान भी चलाया।

नारियल फोड़कर की शिवसेना की स्थापना
मराठी लोगों के हित को सर्वोपरि मानकर 1966 में शिवाजी पार्क में उन्होंने नारियल फोड़कर अपने मित्रों के साथ शिवसेना नामक राजनीतिक दल का गठन किया। बाल ठाकरे ने अपने पहले भाषण में कहा कि यहां ‘लोकशाही‘ नहीं ‘ठोकशाही‘ चलेगी। बाल ठाकरे शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' और हिंदी समाचार पत्र 'दोपहर का सामना' के संस्थापक है।

विवादों से गहरा नाता
बाला साहेब ठाकरे का विवादों से बहुत गहरा नाता रहा है। उन्होंने अपने शुरूआती राजनीतिक जीवन में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ मुहिम चलाई थी। बाला साहब ने हिटलर की तारीफ की और श्रीलंका के लिटृ का समर्थन भी किया। इसके चलते उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा।

- वेलेंटाइन डे के विरोध में लड़का-लड़कियों की पिटाई पर जमकर आलोचना हुई।
- जुलाई 1999 में बाल साहब ठाकरे पर वोट न डालना और चुनाव न लड़ने का प्रतिबंध लगाया गया।
- बाल ठाकरे ने मुस्लिमों की तुलना कैंसर बीमारी से की।
- बाबरी मस्जिद ढाचा गिराने के समय विवादित लेख लिखा।
- अक्सर बाल ठाकरे ने हिंदू प्रेमी और मुस्लिम विरोध की राजनीति की, बाल ठाकरे को कई विवादों चलते विरोध का सामना करना पड़ा।

 बाल साहेब ठाकरे के राजनीतिक कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनके निधन के चलते पूरा मुंबई बंद हो गया था। उनकी अंतिम यात्रा में 2 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। वर्तमान में महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन वाली महाराष्ट्र महाविकास अघाडी सरकार है। जिसके मुख्यमंत्री बाला साहब ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे हैं।

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