
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शनिवार को अयोध्या का दौरा करने से पहले उत्तर प्रदेश के इस शहर को ‘दिव्य रूप' देने के लिए फूलों से सजाया जा रहा है। पुनर्विकसित मार्ग ‘राम पथ' के मध्य में स्थापित बिजली के सजावटी खंभों के चारों ओर नारंगी और पीले रंग के गेंदे के फूलों की माला लपेटी जा रही हैं। इन खंभों के शीर्ष पर बने डिजाइन धार्मिक प्रतीकों को दर्शाते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कई श्रमिक राम कथा पार्क में फूलों से कलात्मक आकार बना रहे हैं।
सजावट के लिए भगवान राम, उनके धनुष एवं तीर, भगवान हनुमान, धार्मिक तिलक आदि की छवियों से प्रेरणा ली गई है। अयोध्या 30 दिसंबर को ‘‘भव्य'' दिखाई देगी। फूलों से कई सजावटी डिजाइन बनाई गई हैं, जिनमें धनुष और तीर पकड़े हुए भगवान राम की पुष्प छवि भी शामिल है। इन सजावटी संरचनाओं का उपयोग राम पथ, धर्म पथ, हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्थानों पर सजावट के लिए किया जाएगा।
सैकड़ों कर्मचारी सजावट के काम में जुटे हैं और लगभग 300 क्विंटल फूल कोलकाता, दिल्ली, गाजीपुर और अन्य स्थानों से लाए गए हैं। सजावट के लिए मुख्य रूप से गेंदे, गुलदाउदी, आर्किड और एन्थ्यूरियम के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को अयोध्या का दौरा करेंगे और वह इस दौरान वहां के पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करेंगे, दो नई अमृत भारत व छह नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे और नवनिर्मित अयोध्या हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे।
अयोध्या में इस समय एक भव्य राम मंदिर का निर्माण जारी है, जिसमें प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे। शहर में एक प्रमुख सड़क के किनारे ‘सूर्य स्तंभ' स्थापित किए जा रहे है। शहर में बन रहे राम मंदिर और नए हवाई अड्डे की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े पोस्टर जगह-जगह लगाए गए हैं जिन पर लिखे संदेशों में अयोध्या को ‘‘मर्यादा, धर्म और संस्कृति'' का शहर बताया गया है।
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