
नई दिल्ली, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। लंबे समय से कांग्रेस में बागी सुर बुलंद करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की उपस्थिति में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। मीडिया से बात करते हुए में कपिल सिब्बल ने किया कि वो कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि 16 मई को ही उन्होंने कांग्रेस से त्यागपत्र दे दिया था।
सिब्बल ने कहा, संसद में एक स्वतंत्र आवाज होना जरूरी है। अगर एक स्वतंत्र आवाज बोलती है तो लोग मानेंगे कि यह किसी राजनीतिक दल से नहीं है। उन्होंने कहा, हम विपक्ष में रहकर एक गठबंधन बनाना चाहते हैं ताकि मोदी सरकार का विरोध करें। हम चाहते हैं कि 2024 में ऐसा माहौल बने हिन्दुस्तान में कि मोदी सरकार की जो खामियां हैं वह जनता तक पहुंचाई जाएं। मैं खुद इसका प्रयास करूंगा।
सिब्बल ने कहा, मुझे खुशी है कि मैं राज्यसभा का निर्दलीय उम्मीदवार बनने जा रहा हूं। मैं हमेशा इस देश में स्वतंत्र आवाज बनना चाहता था। मुझे खुशी है कि अखिलेश यादव ने इसे समझा। हम पार्टी का सदस्य होने पर उसके अनुशासन से बंध जाते हैं।
सिब्बल, कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक। वो असंतुष्टों के 'जी-23' समूह का हिस्सा थे, जिन्होंने पार्टी के नेतृत्व और संगठन को पूरी तरह से बदलने का आह्वान किया था। इससे पहले मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान ने कहा, राज्यसभा के लिए मनोनीत होना कपिल सिब्बल का 'अधिकार' है और ऐसा करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए सम्मान की बात होगी।
2016 में सिब्बल सपा के समर्थन से कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। हालांकि, कांग्रेस के अब राज्य में केवल 2 विधायक रह गए हैं, वह यूपी से किसी को भी चुनने की स्थिति में नहीं है, जहां 11 राज्यसभा सीटें जल्द ही खाली हो जाएंगी।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

