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RAW के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी का बड़ा खुलासा, बोले - कमलनाथ खालिस्तान आंदोलन चलाने वाले भिंडरावाले को देते थे पैसे, संजय गांधी का नाम भी लिया

26 जुल, 20240 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
RAW के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी का बड़ा खुलासा, बोले - कमलनाथ खालिस्तान आंदोलन चलाने वाले भिंडरावाले को देते थे पैसे, संजय गांधी का नाम भी लिया

RAW के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी का बड़ा खुलासा, बोले - कमलनाथ खालिस्तान आंदोलन चलाने वाले भिंडरावाले को देते थे पैसे, संजय गांधी का नाम भी लिया

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। हाल ही में एक इंटरव्यू में RAW के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी बी.एस सिद्धू ने धमाकेदार खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस नेता कमलनाथ, जो इंदिरा गांधी के बहुत करीबी थे और उनके साथ काम करते थे, उन्होंने भिंडरावाले को पैसे दिए थे। भिंडरावाले का काम था पंजाब के हिंदुओं को डराना-धमकाना और खालिस्तान आंदोलन चलाना।


'भिंडरावाले-खालिस्तान' वाली स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल

उनका कहना है कि वन अकबर रोड इंदिरा गाँधी का ऑफिस था, और वन सफदरगंज ऑफिस से जुड़कर यह सब काम चलता था। उन्होंने पंजाब के हिन्दुओं को डराने के लिए 'भिंडरावाले-खालिस्तान' वाली स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल किया। उन्होंने भिंडरावाले के जरिए खालिस्तान का जो मुद्दा कभी था ही नहीं, उसे खड़ा करा दिया। उसके पीछे मंशा थी कि देश की बड़ी जनसंख्या के मन में भारत के विभाजन को लेकर एक और डर पैदा हो। इस इंटरव्यू में उन्होंने कुलदीप नायर के आत्मकथा ‘बियोंड द लाइन’ से कांग्रेस की तरफ से भिंडरावाले को चुनने के वाक़िया का जिक्र किया है। इस किताब के अनुसार कमलनाथ ने खालिस्तान आंदोलन के लिए किसी उच्च पद पर आसीन व्यक्ति उनकी प्राथमिकता होने की बात कुलदीप नायर से कि थी। 


ऑपरेशन वन

आपको बता दें की, कांग्रेस के ऑफिस के नाम वन होने और उन्ही ऑफिस से इस ऑपरेशन को करने की वजह से इसे बी.एस. सिंधु ‘ऑपरेशन वन’ कहते है। उन्होंने कहा की इस ऑपरेशन वन में संजय गांधी भी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर भिंडरवाले को फंड किया था। यह पैसा जरुरी नहीं की सीधे तौर पर कमलनाथ या इस ग्रुप से जुड़े लोगों ने भिंडरावाले को दिया हो, पर कुछ लोगों के जरिए ये पैसा दिया गया था। कांग्रेस के अमृतसर के तत्कालीन सांसद आर.एल. भाटिया भी भिंडरावाले और इस ग्रुप से लंबे समय तक संपर्क में थे।


मुरारजी देसाई की सरकार गिरना चाहते थे कमलनाथ और संजय गांधी

बी.एस.सिद्धू का कहना है की कमलनाथ और संजय गांधी उस वक्त मुरारजी देसाई की सरकार को इस आंदोलन के जरिए कमजोर करना चाहते थे। साथ ही इसी आंदोलन की मदद से वो पंजाब में अकाली दल को भी पिछे धकेलने में जुटे थे। उन्होंने यह भी कहा की, भिंडरावाले ने कभी खुलकर खालिस्तान की मांग नहीं की बल्कि उसने कहा, “अगर इंदिरा गांधी अपने हाथों से मेरे झोली में डाल दे तो ना भी नहीं करूँगा।”


सोशल मिडिया पर मचा हड़कंप 

बी.एस. सिद्धू के इस इंटरव्यू के बाद सोशल मिडिया में हड़कंप मचा है। कांग्रेसविरोधियों ने ऑपरेशन वन को देशद्रोह कहना शुरू कर दिया है। आलचकों का कहना है, जब खालिस्तान का मुद्दा अस्तित्व में ही नहीं था, तो उसे बनाकर कांग्रेस के नेताओं ने देश को दंगों और अलगाववाद की आग में झोंक दिया है।


कमलनाथ अपनी खालिस्तान गतिविधियों के बारे में स्पष्टीकरण दें : नेहा बग्गा 

उधर खालिस्तान गतिविधि में फंडिंग पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनकी भूमिका को लेकर के सावला पूछते हुए कहा की, कांग्रेस पार्टी ने सदैव ही आतंकवादियों और आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन किया है। RAW के पूर्व अधिकारी ने कमलनाथ के खालिस्तान मूवमेंट को फंडिंग और उसमें उनकी भूमिका के बारे में बताया है। सदैव से ही कांग्रेस पार्टी ने बंटवारे की राजनीति की। पंजाब में हिंदुओं को डराने का काम किया। कमलनाथ को सामने आकर अपनी भूमिका के बारे में पंजाब और देश की जनता को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

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