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CDS जनरल अनिल चौहान की बड़ी चेतावनी! चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश के गठजोड़ से भारत की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

09 जुल, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CDS जनरल अनिल चौहान की बड़ी चेतावनी! चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश के गठजोड़ से भारत की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

CDS जनरल अनिल चौहान की बड़ी चेतावनी! चीन-पाकिस्तान-बांग्लादेश के गठजोड़ से भारत की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के एक अहम कार्यक्रम में चौंकाने वाली बात कही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश का आपसी झुकाव भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।


7-10 मई की परमाणु तनाव की घटना का किया जिक्र

जनरल चौहान ने पहली बार भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया 7-10 मई के तनाव का ज़िक्र करते हुए कहा, "यह संभवतः पहली बार था जब दो परमाणु हथियार संपन्न देश सीधे टकराव की स्थिति में आए।" इस बयान से साफ है कि सीमाओं पर तनाव अब किसी भी समय बड़े संकट में बदल सकता है।


पाकिस्तान का 80% हथियार अब चीन से आता है!

CDS चौहान ने बताया कि पाकिस्तान ने बीते 5 वर्षों में 70-80% हथियार और सैन्य उपकरण चीन से खरीदे हैं। इतना ही नहीं, चीन की कई सैन्य कंपनियों की वाणिज्यिक संलिप्तता पाकिस्तान में लगातार बढ़ रही है, जिससे रणनीतिक खतरा कई गुना बढ़ गया है।


हिंद महासागर में खतरे की घंटी!

उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में आर्थिक संकट और बाहरी शक्तियों का दखल भी भारत के लिए नई कमजोरियां पैदा कर रहा है। CDS के अनुसार, "ये सब मिलकर भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को भी चुनौती दे रहे हैं।"


सामाजिक एकता बिगड़ी तो सुरक्षा भी खतरे में

जनरल चौहान ने भारत की भीतरूनी सुरक्षा और सामाजिक समरसता पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, "भारत जैसा बहुभाषी, बहुधार्मिक और बहुजातीय समाज अगर अंदर से कमजोर हुआ, तो बाहरी ताकतें जल्दी प्रभाव डाल सकेंगी।" इसलिए उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की बात कही।


बांग्लादेश की अस्थिर राजनीति पर भी चिंता

CDS ने बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और भारत के लिए संभावित सुरक्षा संकट पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि बांग्लादेश, पाकिस्तान और चीन के बीच सामरिक तालमेल बनता है, तो भारत को इससे सीधी सुरक्षा चुनौती झेलनी पड़ सकती है। बड़ी बात यह है कि उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अब भारत में शरण लिए हुए हैं, जो वहां की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।


क्या करना होगा भारत को?

CDS चौहान का यह संदेश स्पष्ट है, भारत को अपनी सुरक्षा नीति को और अधिक आक्रामक, व्यावहारिक और समय के अनुरूप बनाना होगा। आंतरिक और बाहरी खतरों से निपटने के लिए हमें:

➡️ रक्षा क्षेत्र में तकनीकी आत्मनिर्भरता

➡️ तेज़ी से उभरते खतरों का विश्लेषण

➡️ पड़ोसी देशों की राजनीति और गतिविधियों की निगरानी

 …जैसे कदमों पर लगातार काम करना होगा।

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