
पटना। लोकसभा चुनाव से पहले बिहार में बीजेपी बड़ा खेल करने की तैयारी में है, क्योंकि बीजेपी ने बिहार में वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए मिशन यादव की शुरुआत कर दी है और बिहार के मैदान में मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव को उतार दिया है। डॉ. मोहन यादव गुरुवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे और यहां श्री कृष्ण चेतना विचार मंच द्वारा आयोजित समारोह में शामिल हुए।
यादव मिशन के जरिए भाजपा देगी अरजेडी को झटका
दरअसल बीजेपी बिहार में यादवों को अपने ओर लाने की कोशिश में है। अपने इस यादव मिशन की रणनीति के तहत भाजपा आरजेडी को झटका देने की तैयारी में है। बिहार में हुए जातिगत सर्वे के मुताबिक आगामी आम चुनावों के लिए यादव वोटर ज्यादा मायने रखते हैं। सर्वे में उनकी संख्या ज्यादा बताई गई है। ऐसे में भाजपा अब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जरिए यादव मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश में जुटी है।
तीन बड़े यादव नेताओं ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत
यादवलैंड में बीजेपी अपनी जगह मोहन यादव के जरिए ही मजबूत करेगी। पटना एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान इसकी झलक भी दिख गई है। पटना एयरपोर्ट पर मोहन यादव के स्वागत में बिहार बीजेपी के तीनों बड़े यादव नेता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव और प्रदेश के कद्दावर नेता नंदकिशोर यादव पहुंचे थे। इन तीनों को बीजेपी चुनावों में आजमा चुकी है लेकिन बहुत ज्यादा कमाल नहीं कर पाए हैं। लेकिन मोहन यादव के बिहार पहुंचने के बाद यह संदेश साफ है कि वही बिहार और यूपी के यादवों वोटों में सेंध लगाएंगे।
उज्जैन से जोड़ा बिहार का कनेक्शन
पटना पहुंचने के बाद मोहन यादव सबसे पहले श्रीकृष्ण मेमोरियल पहुंचे। यहां पर श्रीकृष्ण चेतना मंच के लोगों ने उनका स्वागत किया है। इसके बाद मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित किया। मंच पर पहुचंते ही मुख्यमंत्री यादव ने अपने उद्बोधन की शुरुआत मध्यप्रदेश और बिहार के हजारों वर्षों के पुराने रिश्ते से की। उन्होनें इस रिश्ते को मगध के सम्राट अशोक से जोड़ते हुए कहा सम्राट अशोक और मध्यप्रदेश का गहरा जुड़ाव रहा है। सम्राट अशोक 10 साल तक उज्जैन में रहे थे। हजारों साल पहले से मध्यप्रदेश और बिहार का रिश्ता रहा है। पूरे देश के शासन संचालन में मध्यप्रदेश और बिहार की भूमिका रहती थी। यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी में ही भगवान श्री कृष्ण का विवाह हुआ। भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा-दीक्षा भी उज्जैन में हुई। शिक्षा के मामले में हमारा समाज कितना जागृत है, इसका उदाहरण पांच हजार साल पहले भगवान श्री कृष्ण के काल से भी जुड़ता है। उन्होंने कहा, भगवान कृष्ण की महिमा और नाम से जुड़े दो राज्य हैं जिसमें यूपी और बिहार आते हैं। वृंदावन बांके बिहारी लाल की जय में भी बिहार आता है। उन्होंने कहा, पूरे समाज में कही भी अधर्म दिखे, वहां विरोध करना चाहिए। भगवान कृष्ण ने भी अधर्म का विरोध किया था।
बिहार के पिछड़ेपन का कारण लीडरशीप है : सीएम यादव
उन्होंने कहा, देश के 5 सर्वाधिक बीमारू राज्यों में 4 आगे निकल गए, लेकिन बिहार अभी भी पीछे ही है। बिहार के पिछड़ेपन का कारण समाज नहीं बल्कि लीडरशीप की कमी है। नेतृत्व क्षमता की कमी है। अवसरवाद के कारण भी बिहार पिछड़ा है। बिहार को आगे बढ़ाने में मध्यप्रदेश पूरी मदद करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले समय में बिहार काफी आगे बढ़ेगा। बिहार में संभावनाओं की कमी नहीं है।
हर राज्य में है बिहार के आईएएस-आईपीएस : सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बिहार में किस बात की कमी है? कोई ऐसा राज्य नहीं जहां बिहार के आईएएस-आईपीएस नहीं हैं। एकमात्र राज्य बिहार है जिसे यह सौभाग्य मिला है। बिहार हर क्षेत्र के अंदर अपनी पहचान बनाई हुई है। सभी क्षेत्रों में बिहार के लोगों की अपनी पहचान है। आपातकाल के समय बिहार ही आगे आया और लोकतंत्र को बचाने का काम किया।
जहां श्री कृष्ण के कदम पड़े वहां तीर्थ बनाएँगे : सीएम यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, मध्यप्रदेश में जब मैं शिक्षा मंत्री बना तो नई शिक्षा नीति के तहत भगवान कृष्ण और भगवान राम के जीवन को पाठ्यक्रम में शामिल करवाया मुख्यमंत्री बनने के बाद लोगों ने मुझसे पूछा कि आपकी प्राथमिकता क्या होगी? मैंने कहा कि जनता को भौतिक सुख-सुविधा दें, जीवन में बदलाव लाएं। इसके साथ एक और प्राथमिकता होगी। भगवान कृष्ण मध्य प्रदेश आए थे। उनकी शिक्षा दीक्षा के जीवन को पाठ्यक्रम के रूप में लाएंगे। जहां जहां उनके कदम पड़े, उस जगह को तीर्थ बनाया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव को ब्रह्मास्त्र के तौर पर इस्तेमाल करेगी भाजपा
मध्य प्रदेश में मोहन यादव को सीएम बनाकर बीजेपी ने बड़ा दांव चला है। पार्टी की कोशिश है कि उत्तर भारत में यादवों के सबसे बड़े चेहरे के रूप में मोहन यादव को प्रोजेक्ट किया जाए। बिहार की धरती से इसकी शुरुआत हो गई है। बिहार में पार्टी उन्हें ब्रह्मास्त्र के तौर पर इस्तेमाल करेगी। साथ ही यह संदेश देगी कि हमने एमपी में यादव नेता को मुख्यमंत्री बना दिया। बिहार में भी कई बड़े चेहरे हैं, सत्ता में आने के बाद उनके लिए संभावनाएं बन सकती है। क्योंकि बिहार में भी ओबीसी एक बड़ा मुद्दा है। मोहन यादव को आगे कर भाजपा बिहार में 2024-25 को साधने की तैयारी कर रही है।
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