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जानिए बजट से जुड़ी कई अहम बाते: सबसे लंबे भाषण से लेकर कब पेश हुआ था भारत का पहला बजट पेश

01 फ़र, 20220 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
जानिए बजट से जुड़ी कई अहम बाते: सबसे लंबे भाषण से लेकर कब पेश हुआ था भारत का पहला बजट पेश

जानिए बजट से जुड़ी कई अहम बाते: सबसे लंबे भाषण से लेकर कब पेश हुआ था भारत का पहला बजट पेश

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डेस्क रिपोर्टर
नई दिल्ली, न्यूज वर्ल्ड डेस्क।  आज से देश का बजट सत्र शुरू होने वाला हैं। मंगलवार 1 फरवरी (आज) को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करने वाली हैं। बतादें कि इस बार भी बजट कोरोना काल में ही पेश होने जा रहा है और ये तब हो रहा है जब कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे है। ऐसे में अर्थशास्त्री अपना अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार भी बजट तय करने के पहले सरकार कोरोना से प्रभावित हई अर्थव्यवस्था में सुधार करने के लिए बेहतर उपायों का ऐलान कर सकती है।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबित, इस बार के बजट सत्र में हंगामा होने के आसार है। क्योंकि देश में हुए कई ऐसे मुद्दे है जिसपर विपक्षी दल हमला कर सकते है। जिसमे से किसानों का मुद्दा, चीन के साथ हुए सीमा विवाद, इसके साथ ही विपक्षी दल पेगासस जासूसी मामले को लेकर भी सरकार पर हमला बोल सकती है। बजट पेश करने और बजट को तैयार करने कि प्रकिया हमेशा से चर्चा का विषय बनती आई हैं।

जानिए भारत के बजट की कुछ रोचक बातें

7 अप्रैल 1860 में भारत का पहला बजट (भारत के  स्वतंत्र होने से पूर्व) पेश हुआ था। उस समय ईस्ट इंडिया कंपनी के राजनेता और स्कॉटिश अर्थशास्त्री  जेम्स विल्सन ने इस बजट को ब्रिटिश क्राउन को पेश किया था।

26 नवंबर 1947 में स्वतंत्र भारत का पहला बजट पेश हुआ था। तत्कालीन वित्त मंत्री आरके षणमुखम शेट्टी ने इसे पेश किया था।

सबसे लंबा भाषण देने का रिकार्ड वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज है। उन्होंने 1 फरवरी 2020 को केंद्रीय बजट 2020-21 पेश करने के दौरान सबसे लंबा भाषण दिया था। इसमें उन्होंने लगातार 2 घंटे 42 मिनट तक अपनी बात कही थी। जिसके बाद उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने अपना भाषण कम करने का फैसला किया था। 

वहीं सबसे छोटे बजट भाषण का रिकॉर्ड वित्त मंत्री हीरूभाई मुलजीभाई पटेल के नाम दर्ज है। सन 1977 में बजट पेश होने के दौरान उन्होंने 800 शब्दों का ही भाषण दिया था। 

बतादें कि, सन 1999 तक केंद्रीय बजट फरवरी के अंतिम कार्यदिवस पर शाम 5 बजे से पेश किया जाता था। जिसे वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने समय बदल कर  सुबह 11 बजे कर दिया था। शाम को बजट पेश करने कि प्रक्रिया ब्रिटिश काल से चली आ रही थी।

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