
मुंबई, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे को बीजेपी ने समर्थन देकर महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री बनाया है। शिंदे मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन सबके मन में सवाल एक ही चल रहा कि, आखिर 49 विधायकों के समर्थन वाले एकनाथ शिंदे को सीएम क्यों बनाया गया? तो आइए हम आपको ये समझाने की कोशिश करते है कि बीजेपी ने शिंदे को सीएम बना कर एक तीर से कितने निशाने साधे है।
भाजपा ने खेला शिवसेना में टूट डालने का बड़ा कार्ड
महारष्ट्र में भाजपा की राह का सबसे बड़ा रोड़ा है ठाकरे परिवार। राज्य में हिंदुत्व की राजनीति में भाजपा और शिवसेना एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी है, ऐसे में शिवसेना को खत्म किए बिना भाजपा आगे नहीं बढ़ सकती है। ऐसे में शिंदे को मुख्यमंत्री बना कर भाजपा ने शिवसेना में टूट डालने का बड़ा कार्ड खेला है। शिंदे के मुख्यमंत्री बनने से
शिवसेना से लोग मुख्यमंत्री के खेमे में जाना चाहेंगे, इससे उद्धव ठाकरे की ताकत कमजोर पड़ती जाएगी।
भाजपा अपने सर नहीं लेना चाहती थी ब्लेम
भाजपा महाराष्ट्र में शिवसेना को पूरी तरह खत्म करना चाहती, लेकिन इसका ब्लेम अपने सर नहीं लेना चाहती, इसलिए मुख्यमंत्री शिंदे को बनाया गया है। वहीं शिंदे भी बार-बार खुद को असली शिवसैनिक बताते आए। ऐसे में भाजपा ने ये बड़ा दाव चलते हुए लोगों में ये संदेश दिया है कि महाराष्ट्र में उसका खेमा ही असली शिवसेना है।
2024 का टेस्ट एंड ट्रायल
शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने की एक बड़ी वजह ये भी है कि भाजपा 2024 विधानसभा चुनाव का अभी से टेस्ट एंड ट्रायल करना चाहती है। उद्धव को मुख्यमंत्री पद से हटवा कर वो राज्य की जनता का रिएक्शन जानना चाहती है। यदि 2024 के परिणामों में नेगेटिव रिएक्शन देखने को मिलता है तो इसका खामियाजा केवल शिंदे और उनके गुट को भुगतना पड़ेगा। भाजपा सरकार का चेहरा नहीं होने से वो काफी हद तक इससे बची रहेगी।
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