
नई दिल्ली। बुधवार(15 मई) को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत लोगों को पहली बार भारतीय नागरिकता दी गई। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला द्वारा 14 लोगों को भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र सौंपा गया। केंद्र द्वारा कानून को अधिसूचित करने के लगभग दो महीने बाद धार्मिक उत्पीड़न का शिकार होकर भारत पहुंचे लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई है।
आज 300 लोगों को दी जा रही नागरिकता: अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीएए के तहत आज (बुधवार,15 मई) ही दिल्ली में 300 लोगों को नागरिकता दी जा रही है। सीएए देश का कानून है। बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने इस साल फरवरी में कहा था कि लोकसभा चुनाव से पहले इस कानून को लागू कर दिया जाएगा। इसके ठीक एक महीने बाद 11 मार्च को केंद्र सरकार ने इस कानून को अधिसूचित कर दिया। इसके कुछ ही दिनों बाद पोर्टल लॉन्च कर लोगों से आवेदन प्राप्त किए जाने लगे।
केंद्रीय गृह सचिव ने सौंपा नागरिकता प्रमाणपत्र
केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने व्यक्तिगत रूप से दिल्ली में आवेदकों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान, उन्होंने सीएए की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डाला, और उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को शरण और समर्थन देने के इसके प्रावधानों पर जोर दिया। भल्ला के साथ डाक सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर मौजूद रहे।
घटा दी गई है नागरिकता आवेदन अवधि
नागरिकता हासिल करने वाले लोगों में जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से प्रताड़ित गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सीएए के तहत इन तीन देशों से 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम लोगों के लिए नागरिकता आवेदन की योग्यता अवधि को 11 से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। इस कानून का देश की विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया था।
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