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डेस्क रिपोर्टर
श्रीनगर, न्यूज़ वर्ल्ड डेस्क। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस पार्टी के भीतर फूट पड़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश में गुलाम नबी आजाद के गुट के कई नेताओं ने पार्टी हाईकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में पार्टी कई पुराने नेताओं को नजरअंदाज कर रही जिसके चलते नेताओं ने अपने इस्तीफे हाईकमान को भेज दिए हैं।
इन नेताओं ने दिए इस्तीफे
कांग्रेस से इस्तीफा देने वालों में चार पूर्व मंत्री और तीन विधायक शामिल है। इन सभी नेताओं को गुलाम नबी आजाद का नजदीकी माना जाता है। विकार रसूल वानी, जुगल किशोर शर्मा, जीएस सरूरी, नरेश गुप्ता, गुलाम अली मोंगा और अमान भट ने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और जम्मू-कश्मीर प्रभारी रजनी पाटिल को इस्तीफे की कॉपी भेजी है।
नेतृत्व में परिवर्तन की मांग
गुलाम नबी आजाद गुट के नेताओं की मांग है कि प्रदेश में पिछले 7 सालों से बदलाव नही हुआ है और तकरीबन एक साल से पार्टी हाईकमान से मिलने का समय भी मांगा, लेकिन समय तक नही दिया गया। हाईकमान इन नेताओं की मांग को नजरअंदाज कर रहा है। बता दें गुलाम नबी आजाद उन 23 नेताओं में शामिल थे जिसने पिछले दिनों कांग्रेस पार्टी नेेतृत्व पर सवाल उठाए थे। साथ ही पत्र लिखकर कई सुझाव भी दिए थे।
गुलाम अली ने की थी मोदी की प्रशंसा
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने इस साल की शुरूआत में पीएम मोदी की प्रशंसा करने पर पार्टी में उन्हें विरोध झेलना पड़ा था। उन्होंने पीएम मोदी को जमीन से जुड़ा हुआ नेता बताया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद के विदाई भाषण के दौरान उनके जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहने के दौरान हुई आतंकी घटना के बाद गुलाम नबी आजाद के साथ हुई फोन पर बात का जिक्र करते हुए पीएम मोदी भावुक हो गए थे और कहा था कि गुलाम नबी आजाद अपने दल के साथ देश की चिंता करते है।
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