
नई दिल्ली। सर्दी बढ़ते ही कोविड-19 का प्रकोप बढ़ने लगा है। देशभर में रविवार को कोरोना के 841 नए मामले सामने आए हैं। यह बीते दस महीने में एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। दिसंबर के आखिरी दो सप्ताह में लगभग 8,500 लोगों को संक्रमण ने अपनी चपेट में लिया है।
समझा जा रहा है कि दिसंबर के शुरू में केरल के काराकुलम में पाया गया जेएन.1 वेरिएंट ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट यानी बीए.2.86 या पाइरोला की अगली पीढ़ी का वेरिएंट है। यह ओमिक्रॉन से अधिक संक्रामक है और किसी भी आयु वर्ग के लोगों को संक्रमित कर सकता है।
जेएन.1 का पहला मामला केरल की 79 वर्षीय महिला में 17 दिसंबर को मिला था। उस समय सक्रिय मामलों की संख्या 1,701 थी। उसके बाद से देशभर में सक्रिय कोविड मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है, क्योंकि 31 दिसंबर को राष्ट्रीय स्तर पर केस लोड 4,309 पहुंच गया। दस राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 18 दिसंबर के बाद से अब तक 48 लोगों की जान इस महामारी से गई है।
केरल में कोरोना के सक्रिय मामले 2,082 हो चुके हैं और 17 दिसंबर से अब तक 23 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद कर्नाटक में 12, महाराष्ट्र में तीन, तमिलनाडु में दो एवं छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और पुदुच्चेरी में एक-एक मौत हुई है।
प्राइमस सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल के पल्मोनरी ऐंड स्लीप मेडिसन विभाग के वरिष्ठ सलाहकार अंबरीश जोशी ने बताया कि दिसंबर में बढ़ रहे मामले चिंता का सबब हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने जेएन.1 को वेरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की श्रेणी में रखा है।
कोविड के लगातार प्रसार को देखते हुए केंद्र सरकार ने देशभर में सरकारी और निजी अस्पतालों को महामारी से निपटने की तैयारी परखने के लिए मॉकड्रिल के निर्देश दिए हैं। बीते 18 दिसंबर को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय अपनाने और जिला स्तर पर इन्फ्लूएंजा एवं एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस (एसएआरआई) जैसी बीमारी को दर्ज करने एवं आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाने के निर्देश दिए थे, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए इनके सैंपल सार्स कोव-2 जिनोमिक कंसोर्टियम (इन्साकॉग) लैब में जमा कराने को भी कहा गया।
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